RAS की परीक्षा में एक ही घर के तीन बेटों ने प्राप्त की सफलता, पेश की कामयाबी की मिसाल

अगर किसी घर का बच्चा सरकारी परीक्षा पास करने में सफल हो जाए, तो उस घर में उत्सव का माहौल होता है। ऐसे में ज़रा सोचिइए उस घर का क्या हाल होगा, जहाँ एक या दो नहीं बल्कि तीनों बच्चों ने सरकारी परीक्षा में पास होने का रिकॉर्ड बना दिया हो।

राजस्थान के सांचोर के करावड़ी गाँव में रहने वाले एक ही घर के तीन लड़कों ने प्रशासनिक सेवा भर्ती परीक्षा को क्लियर करने में सफलता हासिल की है, जिसके बाद से उनके घर और मोहल्ले में ख़ुशी का माहौल है। आइए जानते हैं तीन भाईयों की इस शानदार जोड़ी के बारे में-

अध्यापक के बच्चों ने कर दिखाया कमाल

हमारे समाज में माता पिता के बाद गुरु को अहम दर्जा दिया जाता है, जो बच्चों को शिक्षित कर उनका भविष्य उज्ज्वल करता है। लेकिन अगर उसी अध्यापक के बच्चे सरकारी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर लें, तो उसका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

इस समय यही हाल सांचोर के आसुराम सारण का है, जो अपने बेटों की सफलता से ख़ुशी से गदगद हुए जा रहे हैं। आसुराम सारण पेश से एक अध्यापक हैं, जो शहर भर के बच्चों के साथ-साथ अपने बेटों के लिए भी पिता से पहले गुरु हैं। आसुराम सारण के पुत्र दिनेश सारण, अनिल सारण और विकास सारण ने राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवा भर्ती के लिए परीक्षा दी थी, जिसमें पास होने के बाद उनका चुनाव अलग-अलग पद के लिए किया।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा के अंतर्गत छात्रों का चुनाव आरएएस, राजस्थान पुलिस सेवा, लेखा सेवा, ग्रामीण विकास सेवा और तहसीलदार सेवा समेत कई सरकारी पदों के लिए किया जाता है। इसी प्रशासनिक परीक्षा में तीनों सारण भाईयों का चयन हुआ है, जिसके बाद से उनके घर में उत्सव का माहौल है।

कड़ी मेहनत कर प्राप्त की सफलता

आसुराम सारण के सबसे बड़े बेट दिनेश सरकारी परीक्षा पास करके अलग पहचान बनाना चाहते थे, जिसके लिए उनके माता-पिता और टीचर ने दिनेश का साथ दिया और उन्हें प्रोत्साहित किया। इसके बाद साल 2008 में दिनेश ने सरकारी परीक्षा में 322 रैंक प्राप्त किया और उनका चयन पटवारी के रूप में किया गया था।

बड़े भाई की राह पर आगे बढ़ते हुए अनिल सारण ने भी सरकारी परीक्षा की तैयारी की और साल 2016 में RPS की परीक्षा में 74वां रैंक हासिल किया था। वर्तमान में अनिल सारण आरपीए में प्रशिक्षु आरपीएस (Trainee RPS) के रूप में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

अपने दोनों भाईयों को सरकारी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हुए देख सबसे छोटे भाई विकास सारण ने भी अपनी क़िस्मत आजमाने का फ़ैसला किया और RTS परीक्षा दी, जिसके बाद उनका चयन तहसीलदार के पद के लिए किया गया था। विकास सारण वर्तमान में आबूरोड में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।

सारण परिवार के तीनों बेटे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और दोस्तों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें प्रोत्साहित किया और परीक्षा में सफल होने में मदद की। वहीं आसुराम सारण अपने तीनों बेटों की सफलता से बेहद खुश हैं और एक बेहतरीन अध्यापक का फ़र्ज़ निभा रहे हैं।

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