पति बीवी के हाथ का खाना रोज़ खिला देता था भिखारी को, जब बीवी को सच पता चला तो ऐसा की ….

दुनिया भर में ना जाने कितनी खबर सुनने को मिलती है और कितनी खबर तेजी से वायरल हो जाती है. यह खबरे इतनी हटके होती है कि हम भी हैरानी में पड़ जाते है. जो भी खबर हमारी डेली लाइफ से हटकर होती है वैसी खबरे तेज़ी से वायरल हो जाती है. आज हम आपको एक ऐसी ही खबर से रूबरू कराने जा रहे है जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जायेंगे.

दरअसल बात है उत्तर प्रदेश की. यह मामला है एक पति पत्नी का जिसमे पति का नाम आशीष है और पत्नी का नाम श्रीवस्ति है. यह दंपति अपना जीवन खुशहाली से जी रहे थे. आशीष रोजाना अपने ऑफिस जाया करता था और वहीं उसकी पत्नी श्रीवस्ति रोजाना अपने पति आशीष के लिए टिफिन बनाती थी और उसे दे देती थी ताकि आशीष का पेट भरा रहे. मगर आशीष की पत्नी टिफिन में रोजाना एक ही तरह की सब्जी ही बना कर उससे देती थी और एक बार तो यूं हुआ कि श्रीवस्ति ने उसे करीब 20 दिनों तक टिफिन में लौकी की सब्जी देती रही. मगर हैरानी की बात थी इसके बावजूद पति आशीष ने अपनी पत्नी से कोई शिकायत नहीं किया बल्कि रोज आशीष का टिफिन खाली ही घर आता था.

आगे हुआ यूं कि जब पत्नी श्रीवस्ति को ये बात खटकने लगी की रोजाना इन्हें एक ही तरह की सब्जी बनाकर देने पर भी उसके पति उसे कुछ नहीं कहते. अगले ही दिन श्रीवस्ति अपने पति को टिफिन देने के बाद उसका पीछा करते हुए गयी ताकि वो अपना शक दूर कर सके. तब उसने देखा की जो टिफिन वो रोज अपने पति को दिया करती थी वो टिफिन उसका पति ऑफिस के ही रस्ते में बैठे एक भिखारी को दिया करता था और वह भिखारी उस खाने को बड़े ही मन से खा भी लेता था.

दरअसल जब श्रावस्ती ने उसके पास गई तभी उस भिखारी ने श्रीवस्ति को देखते ही कुछ रोमांटिक शायरी कह दी और उसके लौकी की सब्जी की भी जम कर तारीफ कर दी थी और वो सुनते ही श्रीवस्ति के दिल में उस भिखारी के लिए प्यार उमड़ आया. श्रीवस्ति को लगा कि जैसे उसका खोया हुआ प्यार मिल गया हो. फिर क्या था श्रावस्ती अपने पति आशीष को डिवोर्स दे दिया और मंदिर में जाकर उस भिखारी के साथ शादी के बंधन में बंध गई. आज ये दोनों पति पत्नी है और साथ में ही भीख मांगते है. सुनने में यह पूरा मामला हैरान कर देने वाला है पर सच है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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