ठेला चलाकर पाला परिवार को, पर हंसी में दिखता है संतोष, 66 की उम्र में बनीं इंस्टा स्टार

‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फ़िक्र को धुंए में उड़ाता चला गया!’

66 वर्षीया वंसती अखानी को देखकर सबसे पहले यही गाना दिमाग में आता है। उनकी हंसी से कोई उनके जीवन की तकलीफों और संघर्षों का अंदाजा भी नहीं लगा सकता। उनकी हंसी और मस्ती भरे वीडियोज़ सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे हैं। एक साल से कम समय में ही वह इंस्टा स्टार बन गई हैं और आज उन्हें दो लाख से भी ज्यादा लोग फॉलो कर रहे हैं।

इस उम्र में भी जिस जोश और बिंदास अंदाज से वह वीडियो बनाती हैं, उसे देखकर बूढ़े और बच्चे सभी दंग रह जाते हैं। उनके चेहरे की हंसी में जो संतोष दिखता है, वही उनके खुश रहने की वजह भी है। अपने अब तक के जीवन में कई तरह की परेशानियों को छेलने के बावजूद, वह बेहद सुकून भरी आवाज़ में कहती हैं, “ख़ुशी सबकुछ पाने से नहीं आती, बल्कि संतोष करने से मिलती है। अगर मेरा आज, कल से बेहतर है, तो इसका मतलब है कि मैं तरक्की कर रही हूँ।”

पिछले 35 सालों से दिल्ली में रह रहीं वसंती, मूल रूप से गुजरात की रहनेवाली हैं। उन्होंने सालों पहले नए शहर में बिल्कुल शून्य से शुरुआत की थी। अपने पति के साथ मिलकर वह पकौड़ी और नाश्ते का ठेला लगाया करती थीं। वहां भी उनका यह खुशमिजाज़ अंदाज उनके ग्राहकों को खूब पसंद आता था। तक़रीबन 35 साल कड़ी मेहनत करके, उन्होंने अपने तीन बेटों और तीन बेटियों को काबिल बनाया। उनके बड़े बेटे दीप राज, वकील हैं और हैदराबाद में काम करते हैं।

दीप कहते हैं, “मेरी माँ तो हमेशा से घर की सुपरस्टार रही हैं। जिस गरीबी और जैसे माहौल में हम रहते थे, माँ ने कभी हमपर उस माहौल का असर नहीं होने दिया। वह उस समय पैसे बचाने के लिए 15-20 किमी पैदल चलती थीं और आज हमें इतना काबिल बनाया कि हम हवाई जहाज में घूम रहे हैं।”

 

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वह कहते हैं कि कुछ लोगों के पांव भले कीचड़ में होते हैं, लेकिन वे सपने सितारों के देखते हैं और उसे पूरा भी करते हैं। सालों के संघर्ष के बाद, अब वह मौज की जिंदगी जी रही हैं। साल 2018 में उन्होंने अपने छोटे बेटे के साथ टिक-टॉक वीडियो बनाना शुरू किया। वहां भी उनके वीडियोज़ को लाखों लोग देखते और पसंद करते थे। फिर टिक-टॉक बंद होने के बाद, उन्होंने इंस्टा रील बनाना शुरू किया। उन्हें कैमेरे से बिल्कुल डर नहीं लगता, बड़े ही सहज अंदाज़ से वह फ़िल्मी गीतों पर रील बनाती हैं।

कई लोग उन्हें कहते हैं कि भजन करने की उम्र में फ़िल्मी गीत क्यों गाती हो, ऐसे सभी लोगों को वह कहती हैं, “भजन के साथ थोड़ी मस्ती करने में हर्ज ही क्या है?”

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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