एक शख्स ने घर पर हीं बना डाला एक पहिया वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानिए कैसे

समय के साथ गाङियों की संख्या बढ़ती हीं जा रही है जिसका कारण है कि लोग खुद के पास कार रखना प्राथमिक बात समझने लगते हैं। आज के समय में कार मनुष्य के जीवन में अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है। मनुष्य इसका उपयोग यातायात के साधन के रूप में करते है।

जब भी हम वाहनों के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में दो पहियों वाली मोटरसाइकिल, स्कूटर या चार पहियों वाली कार ही आती है। वाहन चाहे कोई भी उसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी पहिया होता है। दुनिया भर के निर्माता वाहनों को एक नई पहचान देने के लिए एक पहिए वाला स्कूटर और मोटर बाइक लेकर आए हैं।

एक पहिया वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर

भारत में भी एक ऐसे निर्माता है, जिन्होंने सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया है। आज हम आपको एक पहिया वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में बताएंगे। क्रिएटिव ने इस वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है।

इस वीडियो में आसानी से देखा जा सकता है कि सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिकल स्कूटर को स्क्रैच से बनाया गया है। उन्होंने स्कूटर की पूरी डिजाइन कार्डबोर्ड से की है, ताकि कहीं कुछ परिवर्तन करना हो तो दिक्कत ना हो।

स्कूटर में मोटर वाला चौड़ा पहिया इस्तेमाल किया गया है

व्लगेर ने जब डिजाइन को अंतिम रूप दिया तो वह धातु से स्थानांतरित हो गया। एक बड़ी धातु की शीट ली और उस पर कार्डबोर्ड के डिजाइन की नकल की। उसके बाद एक उपकरण का उपयोग से उन्होंने चादरों को काट दिया और पहियों के लिए मेहराब बनाने के लिए टुकड़ों को एक साथ जोड़ दिया।

आपको बता दें कि इस स्कूटर में चौड़ा पहिया इस्तेमाल किया गया है, जिससे आमतौर पर मोटर बनाया जाता है।

सीट के नीचे बनाई गई है बैटरी पैक

व्लगेर के अनुसार स्लीक वाले की तुलना में व्यापक पहियों को संतुलित करना आसान है। इस स्कूटर में एक सीट बनाई गई है जिसके नीचे बैटरी पैक को रखने के लिए स्टोरेज बनाया गया है। स्कूटर में एक ऐसा डिजाइन था, जो पुराने स्कूटर जैसा था।

हैंडलबार और हेडलैंप यूनिट को स्कूटर से ही उधार लिया गया था। उसके बाद पहिया को ठीक करने के लिए धातु का पाइप बनाया गया था, जो हैंडल बार को पकड़ कर रखता था।

स्कूटर में सेंसर लगाना सबसे महत्वपूर्ण है

सब सेट करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्कूटर में सेल्फ बैलेंसर सेंसर लगाया गया। यह घटक स्कूटर को एक पहिया होने पर भी ऊपर रहने में मदद करता है। स्कूटर में सेंसर को ठीक से स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समग्र अंशांकन को प्रभावित करता है।

सेंसर के तार का एक सेट पहियों से जुड़ा होता है और दूसरा सेट थ्रॉटल केबल से जुड़ा है। उसके बाद पैनलों को नीचे ले जाकर पूरे स्कूटर को पीले रंग से पेंट कर दिया जाता है।

अत्याधुनिक और आधुनिक तकनीक से बनाए स्कूटर

स्कूटर पर नुकीले धातु के किनारों को पाइप के जरिए कवर किया गया। अब स्कूटर सड़क पर दौङने के लिए पूरी तरह से तैयार है। देखने में तो यह बहुत अजीब लगता है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यह काम करता है।

स्कूटर में लगा सेंसर स्कूटर को आगे या पीछे गिरने से रोकता है। Vlogger ने इस एक-पहिया इलेक्ट्रिक स्कूटर को बनाने में केवल अत्याधुनिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किए है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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