पिता टायर पंचर की दुकान चलाते हैं, BA में पढ़ रहे बेटे ने बना दी बैटरी से चलने वाली मोटरसाइकिल

नीरज को ये मोटरसाइकिल बनाने में लगभग एक महीना का समय लगा. मोटरसाइकिल तैयार होने के बाद उसेमें बैट्री लगाने के लिए उनके पास बिलकुल पैसे नहीं थे. जागरण को बताया गया कि बैट्री के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए नवरात्र में मूर्ति बनाकर पैसा जुटाया गया.

नीरज के पिता पेशे से किसान हैं और साथ में टायर पंचर ठीक करने का काम भी करते हैं. मीर्ज़ीपुर जिले के पंचशील डिग्री कालेज मवईकला से बीए के छात्र नीरज ने बैट्री चलने वाली इस मोटरसाइकिल को बहुत मेहनत के बाद बनाया है.

इस बाइक की खासियत यह है कि एक बार में चार्ज होने पर यह 50 किलोमीटर तक की दूरी आसानी से तय कर लेगी. मोटरसाइकिल में आगे जाने के साथ ही पीछे जाने के लिए भी गियर लगाया गया है. नीरज की इस उपलब्धि पर उसे बधाई देने छानबे विधायक राहुल प्रकाश कॉल उसके घर पहुंच गए.

इस बाइक को बनाने में नीरज ने 30 हज़ार रुपये लगाए हैं. यह मोटरसाइकिल अन्य बाइक की तरह स्पीड पकड़ लेती है. नीरज ने दैनिक जागरण को बताया कि इसका दाम और भी कम हो सकता है बशर्ते सरकारी सब्सिडी मिल जाए. किसी भी प्रकार का तकनीकी कोर्स न करने के बाद भी नीरज की ऑटोमोबाइल में महारत से पिता भी बेटे पर गर्व करते हैं.

नीरज का सपना है कि उनकी बनायी इस मोटरसाइकिल का लोग प्रयोग करें ताकि ईंधन से होने वाले प्रदूषण से पर्यावरण की रक्षा करने में मदद कर सकेंगे.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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