पिता ड्राइवर हैं, गरीबी की वजह से छूटने वाली थी पढ़ाई, हालातों से लड़कर बनी UP की 2nd Topper

यूपी बोर्ड हाईस्कूल परिणाम में किरण कुशवाहा स्टेट टॉपर लिस्ट में दूसरे स्थान पर रही हैं. किरण अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार, गुरुजनों और ईश्वर को देती हैं. किरण की आज हर जगह वाह वाही हो रही है लेकिन उन्हें ये कामयाबी आसानी से नहीं मिली.

प्रदेश की दूसरे नंबर की टॉपर

उनकी मां रूमा देवी बताती हैं कि किरण हमेशा से खूब पढ़ाना चाहती है लेकिन उनके घर की आर्थिक स्थिति इस बात की इजाजत नहीं देती. एक बार तो किरण की पढ़ाई छुड़वाने तक की नौबत आ गई थी लेकिन किरण ने मां को समझाया और 10वीं की परीक्षा दी.

किरण कानपुर के शिवाजी इंटर कालेज अर्रा की छात्रा हैं. उनके पिता संजय कुमार एक ड्राइवर हैं. संजय ने पिकअप चला कर अपनी पांच बेटियों को पाला है. किरण अपनी बहनों में सबसे छोटी हैं. वहीं मां रूमा देवी हाउस वाइफ हैं.

घर के हालात थे बेहद बुरे

किरन कुशवाहा ने यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 600 में से 585 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में दूसरा स्थान पाया है. नौबस्ता, खाड़ेपुर निवासी संजय अपनी पांच बेटियों में से तीन की शादी कर चुके हैं. किरण सबसे छोटी और होनहार है. वह हमेशा से पढ़ने का सपना देखती आ रही है लेकिन घर के हालात ऐसे नहीं हैं.

किरन की मां रूमा का कहना है कि, कोरोना काल में घर की आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई थी कि बेटी की फीस जमा करने तक के पैसे नहीं थे. तब उन्होंने इस बात पर भी विचार कर लिया कि वह किरण का स्कूल छुड़वा देंगे. इधर किरण ऐसा नहीं होने देना चाहती थी. उसे अभी बहुत पढ़ना था.

ऐसे में उसने अपनी मां से कहा कि, “मां मुझे पढ़ने दो. मैं घर के हालात बदल दूंगी.” किरन ने कहा कि उसने गरीबी देखी है. उसे आगे पढ़ाई करके देश के गरीबों की सेवा करनी है. ऐसा काम करना है जिससे उनका जीवन बेहतर हो. उसने बताया कि कोरोना काल में जब लाकडाउन लगा तब उनके परिवार को भोजन तक के लिए जूझना पड़ा.

बड़ी बहन ने की मदद

किरन का कहना है कि कोरोना महामारी के समय उनका परिवार बहुत बुरी परिस्थिति से गुजरा है. तब उनके पिता के पास काम नहीं था. स्कूल में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो चुकी थी लेकिन उनके पास मोबाइल या लैपटॉप नहीं था. ऐसे में उनकी बड़ी बहन पूजा ने उनकी मदद की और उनकी पढ़ाई के लिए उन्हें मोबाइल खरीदकर दिया.

किरण ने उस मोबाइल की मदद से पढ़ाई की और उन्होंने वो कर दिखाया जिससे सबको उन पर गर्व है. प्रिंसिपल दिनेश अवस्थी कहते हैं कि उन्हें और उनके पूरे स्कूल को किरन पर गर्व है. वह बहुत मेधावी है. उन्हें विश्वास है कि किरन आगे चलकर बड़ा कामयाबी प्राप्त करेगी.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok mantra से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है.]

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