पश्चिमी देशों से टैंक नहीं मिलने पर निराश हुए जेलेंस्की, कहा-केवल मनोबल से युद्ध नहीं लड़ सकते

कीव : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी सेना के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में मदद करने के लिए कुछ पश्चिमी देशों से पर्याप्त टैंक नहीं मिलने पर अपनी निराशा जाहिर की है।

जेलेंस्की ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक सभा के इतर एक वार्ता में टैंक भेजने में चकिचाहट के लिए जर्मनी, पोलैंड और अमेरिका जैसे यूक्रेन के महत्वपूर्ण समर्थक देशों की परोक्ष रूप से आलोचना की।

वीडियो लिंक के जरिए संबोधन में जेलेंस्की ने ‘विशिष्ट हथियारों की कमी’ पर अफसोस जताया और कहा कि केवल ‘मनोबल और प्रोत्साहन’ के साथ युद्ध नहीं लड़ सकते। उन्होंने कहा,

‘मैं अपने भागीदारों से सहायता के लिए उन्हें फिर से धन्यवाद देना चाहता हूं। लेकिन साथ ही, हमें किसी के कहने पर संकोच नहीं करना चाहिए या हमें तुलना नहीं करनी चाहिए कि कोई और भी अपने टैंक साझा करेगा तो मैं टैंक दूंगा।’

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि ईरान निर्मित ड्रोन के इस्तेमाल समेत लक्षित रूसी हमलों के मद्देनजर हवाई रक्षा ‘हमारी कमजोरी’ रही है और यूक्रेनी क्षेत्र में रूसी सेना पर पलटवार के लिए लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों की जरूरत है।

यूक्रेन महीनों से यूएस अब्राम्स और जर्मनी निर्मित लेपर्ड-दो टैंक समेत भारी टैंक की आपूर्ति करने की मांग कर रहा है लेकिन पश्चिमी देशों के नेता सावधानी पूर्वक कदम उठा रहे हैं।

ब्रिटेन ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह यूक्रेन को चैलेंजर-2 टैंक भेजेगा। वहीं फ्रांस ने कहा है कि वह यूक्रेन को एएमएक्स-10 आरसी बख्तरबंद लड़ाकू वाहन भेजेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!