धरती की वे चमत्‍कारी जगहें, जहां चुंबक जैसे चिपक सकता है इंसान, आप भी जाकर करें महसूस

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी रहस्‍यमयी शक्तियों की वजह से सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं हैं. ऐसी शक्तियों के बारे में कम ही लोगों को जानकारी होती है. वैज्ञानिकों के लिए भी ये जगहें लंबे समय से उनके शोध का विषय रही हैं.

यहां हम दुनिया की उन जगहों के बारे में बता रहे हैं जहां धरती की चुंबकीय शक्ति को महसूस किया जा सकता. यहां पहुंचकर आप धरती की मैग्नेटिक शक्तियों को अनुभव कर सकते हैं और एक अजीब से एडवेंचर को महसूस कर सकते हैं.

इन जगहों पर पृथ्वी की जियोमैग्नेटिक एनर्जी मेग्नेटिक रूप से चार्ज्ड पार्टिकल्स को आकर्षित करने की क्षमता रखती है. इसे पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र भी कहा जाता है. आज हम आपको बता रहे हैं धरती की उन जगहों के बारे में , जहां भू-चुंबकीय ऊर्जा काफी मजबूत है और आप इसे महसूस कर सकते हैं.

दुनिया की फेमस मैग्‍नेटिक प्‍लेस

लद्दाख का मैग्नेटिक हिल इस शक्ति के लिए सैलानियों के बीच काफी फेमस है. ये एक व्‍यू प्‍वाइंट की तरह है जहां सैलानी जरूर पहुंचते हैं. यहां अगर आप सड़कों पर गाड़ी खड़ी कर दें तो ये ऊपर की ओर जाती दिखती है.

हालांकि, यह केवल एक ऑप्टिकल भ्रम भी है जिसमें रोड का लेआउट ऊपर की ओर जाता दिखता है जबकि सड़क नीचे की ओर जा रही है.

कसार देवी मंदिर, उत्तराखंड

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारकों में गिना जाने वाली जगह उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का कसार देवी मंदिर धार्मिक आस्‍था रखने वालों के बीच काफी महत्‍व वाली जगह है. कहा जाता है कि इस मंदिर के चारों ओर भू-चुंबकीय क्षेत्र काफी मजबूत है, जिसे इंसान अनुभव कर सकता है.

सर्बिया

कहा जाता है कि चुबकीय क्षेत्र होने की वजह से भी सर्बिया उत्‍तरी ध्रुव की तरफ खिंचा हुआ है. ये देश उन जगहों में से एक है जहां पृथ्वी का भू-चुंबकीय क्षेत्र सबसे ज्‍यादा मााना जाता है.

माचू पिचू, पेरू

पेरू का माचू पिचु क्षेत्र भी एक दिलचस्प जगह है, जहां भू-चुंबकीय क्षेत्र सामान्य से अधिक मजबूत हैं. पेरू के ये पर्वत एक किला जैसा बना है और ये जगहें चुंबकीय शक्तियों से भरपूर है.

स्टोनहेंज, यूके

यूके स्थित स्टोनहेंज भी पृथ्वी की सबसे अनोखी स्मारकों में से एक गिनी जाती है. इस जगह परआपको प्रकृति, इसकी उत्पत्ति और उद्देश्य से जुड़े गहरे सवालों में खोया हुआ महसूस कराती है. ये जगह भी भू-चुंबकीय क्षेत्र के लिए जानी जाती है.

नॉर्थ-साउथ पोल

नॉर्थ और साउथ दोनों पोल की भू-चुंबकीय ऊर्जा हमेशा ही मजबूत रहती है. ये वे केंद्र हैं, जहां से पृथ्वी का भू-चुंबकीय क्षेत्र सर्कुलेट होता है.

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