सर्दियों में बालों और स्किन की समस्याओं को दूर करेंगे बाबा रामदेव के ये टिप्स, जानें इस्तेमाल का तरीका और फायदे

बर्फ पड़े, पाला गिरे चाहे टेंपरेचर माइनस में चला जाए ध्यान रखिए सर्दी में तंदरुस्ती से जीना है तो ज़रूरी पीना है। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है और लोग पानी पीना भूल जाते हैं, नतीजा कब्ज़,एसिडिटी होने लगती है।

कमज़ोरी की वजह से चक्कर आने लगते हैं जिसे विंटर डिहाइड्रेशन कहते हैं। तो शुरुआत में ही साफ साफ बोल देते ना, कि पानी पीना है, हम खामखां सवाल करने लगे।

वैसे बात तो आपने सही कही। लेकिन पानी की कमी से एक और चीज़ पर असर पड़ता है और वो है खूबसूरती। दरअसल, सर्दियों में गर्म पानी से नहाने, ऊनी कपड़े पहनने, हीटर के सामने बैठने से स्किन ड्राई हो जाती है फिर रैशेज़, रेडनेस,

होठों,एड़ियों का फटना, खुजली होना आम हो जाता है जो लगातार बनी रहे तो एक्ज़िमा की परेशानी हो जाती है। और पिंपल्स तो जैसे चेहरे की खूबसूरती बिगाड़ने के लिए सर्दी का ही इंतज़ार कर रहे होते हैं।

लेकिन इस बार, सबसे ज़्यादा परेशान तो चिल ब्लेंस कर रहा है स्किन की इस बीमारी में हाथ पैर की उंगलियों में स्वेलिंग, खुजली और तेज़ जलन होती है। इस बार डॉक्टर्स के पास पहुंच रहे स्किन प्रॉब्लम के मामलों में 20% केस चिल ब्लेंस के आ रहे हैं।

इतना ही नहीं ठंड में गर्मी के मुकाबले धूप कम निकलती है जिसका नुकसान ये होता है कि शरीर को प्रॉपर मात्रा में विटामिन डी नहीं मिलता जबकि एक ताज़ा रिसर्च कहती है कि विटामिन डी की कमी से मेलेनोमा नाम का खतरनाक स्किन कैंसर हो सकता है।

सर्दी के इस मौसम में सिर्फ स्किन ही नहीं बाल भी रुखे,बेजान और दोमुहे हो जाते हैं। ठंडी और खुश्क हवा सिर की नमी सोख लेती है जिससे डैंड्रफ की दिक्कत हो जाती है और हेयरफॉल होने लगता है। देखिए परेशानियां तो हैं,

लेकिन इनसे डरना नहीं है। सिर्फ एक काम करना है। सुबह उठना है और इंडिया टीवी लगाकर स्वामी रामदेव के साथ योग करना है जिसका, असर आप स्टूडियों में मौजूद इन देवियों के रूप में देख ही रहे हैं।

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