इस तस्वीर में छुपे तेंदुए को ढूढ़ने वाले को भारत रत्न भी मिल सकता हैं – बताओ कहा पर छुप के बैठा हैं

आप कभी-कभी अनजाने में कुछ ऐसा कर जाते हैं जिस पर आपको भी यकीन नहीं होता। लेकिन बाद में आपको खुद यकीन करना होता है। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं वो नायाब तस्वीर जो इऩ दिनों सोशल मीडिया पर छाई है। ये तस्वीर अपने आप में ही काफी अनोखी है। क्योंकि इस तस्वीर की पहेली को समझने के लिए आपको भी दिमाग के घोड़े दौड़ाने होंगे। इस तस्वीर की खासियत ये है कि आपको ये इतना परेशान करेगी कि आपको ये कहना होगा कि बस ये हो गया। हमसे ना हो पाएगा।

ये तस्वीर है एक पहाड़ की। तस्वीर खींचने वाला हसीन वादियों की तस्वीर ले रहा था। घर आकर उसने सारी तस्वीरों को अपने लैपटॉप में देखा । एक बारगी तो उसे यकीन नहीं हुआ लेकिन जब उसने तस्वीर को गौर से देखा तो वो हैरान हो गया। क्योंकि इस तस्वीर में जो चीज थी वो उसे देखने के बाद फोटो ग्राफर को भी अपनी आंखों में यकीन नहीं हुआ।

क्या था तस्वीर में ?

इस तस्वीर में पहाड़ की खूबसूरत छवि तो थी ही। साथ में एक ऐसा जानवर भी मौजूद था जो नंगी आंखों से किसी दूसरे को दिखाई नहीं दे रहा था। इस जानवर ने अपने आपको पहाड़ी में कुछ ऐसा छिपा लिया था मानो कि वो भी एक चट्टान हो। लेकिन ना तो वो चट्टान था और ना ही कोई पेड़। बल्कि वो तो था जीता जागता तेंदुआ।

अब आप भी ढ़ूंढिए तेंदुए को ?

इस तस्वीर में एक तेंदुआ छिपा हुआ है। इसे देखने के लिए आपको बाज जैसी तेज नजर चाहिए होगी क्योंकि इस पूरी तस्वीर में वो एक ऐसी जगह पर है जिसे आप एक बार देखने के बाद अनदेखा कर सकते हैं। तेंदुआ भी ऐसा है कि उसने प्राकृतिक तरीके से खुद को छिपा रखा है। लेकिन फोटोग्राफर ने जब इस तस्वीर को देखा तो खुद हैरान हो गया। इसके बाद उसने इस तस्वीर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वायरल किया। ताकि दूसरे लोग भी तस्वीर में तेंदुआ तलाश कर सके।

किसने ली है ये तस्वीर ?

लोगों की आंखों को कंफ्यूज करने वाली ये तस्वीर दिल्ली के रहने वाले 34 वर्षीय फोटोग्राफर अभिनव गर्ग ने क्लिक की है। यह तस्वीर उन्होंने ने जयपुर में अरावली पहाड़ियों का दौरा करते समय घंटों इंतजार के बाद खींची थी।हालांकि, जब उन्होंने ये तस्वीर खींची थी तो उन्हें पता नहीं था कि उन्होंने एक तेंदुए को तस्वीर में कैद कर लिया है। इसका पता उन्हें तब चला, जब वह घर जाकर इस तस्वीर को लैपटॉप में डालकर बारीकी से देख रहे थे।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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