‘Tata Nano’ पर सवार होकर ताज होटल पहुंचे Ratan Tata, लोगों ने कहा – आप जैसा सही में कोई नहीं

देश के बड़े बिजनेस मैन रतन टाटा अपनी दरियादिली और सादगी के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं. एक बार फिर उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया है. उनकी सादगी का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है.

इस वीडियो में रतन टाटा एक छोटी सी सफ़ेद कार में ताज होटल पहुंचते हैं. वो कार कोई और नहीं टाटा नैनो है. उनके साथ कोई बॉडीगार्ड भी नहीं है. इस वीडियो को देखने के बाद हर कोई उनकी सादगी की बात कर रहा है.

जब हर तरफ लोग महंगी लग्जरी गाडियों में घूमना पसंद करते हों. बड़े बड़े शौक रखते हों. ऐसे में एक अरबपति बिजनेसमैन रतन टाटा नैनो पर सवार होकर ताज होटल पहुंच गए. वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स जमकर अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

बता दें कि मुंबई के सेलिब्रिटी फोटोग्राफर विरल भयानी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है. जिसमें रतन टाटा बिना किसी बॉडीगार्ड के सफेद नैनो कार में बैठकर ताज पहुंचे हैं. उनको होटल कर्मचारियों द्वारा अंदर ले जाया गया. कोई लग्जरी कार नहीं, बेहद सादगी के साथ टाटा का ये अंदाज लोगों को खूब भा रहा है.

विरल भयानी ने पोस्ट कर लिखा है कि आज हमारे फ़ॉलोवर बाबा खान ने ताज होटल के प्रवेश द्वार के बाहर रतन टाटा को देखा. बाबा कहते हैं कि वह उनकी सादगी से चकित थे क्योंकि उनके पास कोई बॉडीगार्ड नहीं था, बस होटल के कर्मचारी थे. वायरल हो रही इस वीडियो को अब तक 124373 लाइक्स मिल चुके हैं.

 

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बता दें कि टाटा मोटर्स ने 10 जनवरी 2008 को नैनो लांच की थी. महज एक लाख रुपए में आम आदमी तक पहुंचने वाली इस लखटकिया कार से दुनिया हैरत में पड़ गई थी.

यह रतन टाटा का एक ड्रीम प्रोजक्ट माना जाता है. लेकिन सड़कों पर अब टाटा नैनो कार बहुत ही कम दिखती है. जिसकी टीस रतन टाटा के दिलों में हैं. इस बात का अंदाजा उनके हाल ही में किये गए इंस्टाग्राम पोस्ट में देखा जा सकता है.

रतन टाटा ने एक तस्वीर शेयर करते हुए अपने पोस्ट में लिखा था, “मैं अक्सर लोगों को अपने परिवार के साथ स्कूटर पर जाते देखता था, जहां बच्चे अपने माता-पिता के साथ किसी तरह बैठे दिखते थे. लगता था जिसे सैंडविच हों. मुझे इससे प्रेरणा मिली कि मैं इन लोगों के लिए एक कार बनाऊं.”

 

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आगे रतन टाटा ने लिखा मैं खाली समय में डूडल बनाते समय यह सोचता था कि मोटरसाइकिल ही ज्यादा सेफ्टी हो जाए तो कैसा रहेगा. मैंने सोचते सोचते एक कार का डूडल बनाया, जो एक बग्गी जैसा दिखता था और उसमें दरवाजे तक नहीं थे. इसके बाद मैंने सोचा कि मुझे ऐसे लोगों के लिए एक कार बनानी चाहिए और फिर टाटा नैनो अस्तित्व में आई, जो हमारे आम लोगों के लिए थी.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok mantra से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है.]

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