नौकरी के दौरान की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, पांचवें प्रयास में बनें IAS अधिकारी

नौकरी के दौरान की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, पांचवें प्रयास में बनें IAS अधिकारी

मेहनत करने का जज्बा हो तो मंजिल मिल ही जाती है. कुछ लोगों को सफलता जल्द ही हासिल हो जाती है तो कुछ लोगों को काफी समय का इंतेजार करना पड़ जाता है. आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम सुमित कुमार राय है.

उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी नौकरी करते हुए की. नौकरी के साथ-साथ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना और उसमें ना सफलता हासिल करने आसान नहीं था. उन्होंने ना सिर्फ इस परीक्षा में सफलता हासिल की बल्कि अच्छी खासी रैंक हासिल भी की. उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी मिलते ही अपने सपनों पर मेहनत करना छोड़ देते हैं.

कौन हैं आईएएस सुमित कुमार रॉय

झारखंड के धनबाद के रहने वाले सुमित कुमार राय एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. धनबाद से ही बेसिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होनें बीटेक से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की . उन्होंने आईआईटी धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी.

पढ़ाई में अच्छा होने की वजह से बीटेक की पढ़ाई के बाद उनकी हरियाणा की एक कंपनी में अच्छी खासी नौकरी लग गई थी. नौकरी के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि आईएएस अधिकारी बनकर वो ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सकते हैं. इसलिए उन्होंने नौकरी के साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया.

नौकरी के साथ की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी

सुमित को यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर पाना आसान नहीं था. उन्होंने नौकरी के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया था. एक साक्षात्कार में सुमित ने बताया है कि वो जल्दी सुबह उठकर रोजाना 2-3 घंटों की पढ़ाई किया करते थे. इसके बाद ऑफिस के लिए निकल जाते थे. फुल टाइम नौकरी के बाद वो शाम को घर आकर फ्रेश होने के बाद 2-3 घंटों की पढ़ाई करते थे. खुद को तनाव से दूर रखने के लिए वो रोजाना सुबह जल्दी उठकर योग और प्राणायाम के लिए भी थोड़ा समय निकालते थे.

वो कहते हैं कि इस परीक्षा की तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन रखना बहुत जरूरी होता है. सुमित के लिए यूपीएससी परीक्षा का सफर बिलकुल आसान नहीं भी नहीं था. कड़ी मेहनत की बदौलत उन्होंने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की. पिछले चार प्रयासों में उन्हें असफलता ही हासिल हुई. कमाल की बात ये हैं कि इतनी असफलताओं के बाद भी उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ और वो तैयारी करते रहे.

54वीं रैंक हासिल कर बनें आईएएस अधिकारी

सुमित की कड़ी मेहनत और लगन का असर उनके पांचवे प्रयास में दिखा. उन्होंने इस प्रयास में ना सिर्फ सफलता हासिल की बल्कि 54वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी के पद मिल गया. अपनी सफलता के बारे में युवाओं को प्रेरित करते हुए सुमित बताते हैं कि यूपीएससी परीक्षा में सफता पाने के लिए आपका बैकग्राउंड चाहे जैसा हो लेकिन मेहनत करने का जज्बा है तो सफलता हासिल की जा सकती है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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