अपने पहले प्रयास में गौरव ने किया यूपीएससी एग्जाम पास, सीमित साधन और कड़ी मेहनत से की तैयारी

यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। बेहतर रणनीति, सीमित साधन और बेसिक स्टडी के बदौलत भी छात्र यूपीएससी जैसे एग्जाम को भी पहले ही प्रयास में पास कर सकते हैं। ऐसी ही कहानी है यूपीएससी सीएसई-2020 एग्जाम में ऑल इंडिया 13वीं रैंक लाने वाले गौरव बुदानिया की जिन्होंने पहले ही प्रयास में एग्जाम क्लीयर कर आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा किया।

गौरव राजस्थान के चुरू जिले के रहने वाले हैं। गौरव ने राजस्थान से ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। शिक्षा पूरी करने के बाद जेईई एग्जाम क्लीयर किया। उन्होंने बनारस हिंदी विश्वविद्यालय से बीटेक कोर्स करने के बाद बीकानेर स्थित यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी सब्जेक्ट से एमए की डिग्री हासिल की।

मास्टर्स डिग्री कोर्स पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू की और पहले ही अटेम्प्ट में एग्जाम में सफलता हासिल कर ली। गौरव बताते हैं कि सिलेबस देखकर उन्होंने सीमित किताबों के साथ ही आगे की पढ़ाई करने का फैसला लिया।

 

गौरव ने कहा कि प्रीलिम्स एग्जाम के लिए ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करने पर फोकस करें। पिछले कुछ सालों के पेपर सॉल्व करें और मेन एग्जाम के लिए भी नोट्स बनाकर ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करने पर फोकस करें। जो छात्र कठिन परिश्रम और लगन से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं वे शुरुआती अटेमोट में ही सफल हो जाते हैं।

गौरव का कहना है कि यूपीएससी प्रिपरेशन के लिए अभ्यर्थियों को कड़ी मेहनत, सही प्लानिंग, बहुत ज्यादा रिवीजन, नोट्स बनाने, आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस और पॉजिटिव एटीट्यूड की जरूरत पड़ेगी। तैयारी के साधन को लिमिटेड रखें और अपने प्लान पर पूरी तरह से एक्ट करते हुए एक्शन लें।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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