विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान: चार बहनों का इकलौता जांबाज भाई जो क्रैश हेलीकॉप्टर का पायलट था

7 दिसंबर का कल का दिन भारत के इतिहास में दर्ज होने वाला एक और काला दिन साबित हुआ. हेलीकॉप्‍टर हादसे में शहीद सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 11 अन्य जवानों ने अपनी जान गंवा दी. इन 13 शहीदों में एक नाम आगरा के लाल पृथ्‍वी सिंह चौहान का भी था.

पृथ्वी सिंह चौहान थे इस हेलीकॉप्टर के पायलट

पृथ्‍वी सिंह ही वो पायलट थे जो इस हेलीकॉप्‍टर को चला रहे थे. पृथ्वी इंडियन एयरफोर्स के जाँबाज पायलटों में से एक माने जाते थे. उन्होंने सूडान से विशेष ट्रेनिंग ली थी. दैनिक जागरण के अनुसार पृथ्‍वी की पत्‍नी ने इस दुखद सूचना की पुष्टि की है.

बड़ी बहन ने परिवार को दी दुखद सूचना

आगरा के न्‍यूआगरा इलाके के रहने वाले पृथ्‍वी सिंह चौहान के 72 वर्षीय पिता सुरेंद्र सिंह एक समय के मशहूर ब्रेड ‘बीटा’ का उत्‍पादन करने के लिए जाने जाते थे. पृथ्‍वी अपने माता पिता के इकलौते बेटे और सबसे छोटी संतान थे. शहीद पृथ्वी के पिता को उनकी शहादत की खबर उनकी बड़ी बेटी शकुंतला ने दी. शकुंतला मुंबई में रहती हैं, उन्होंने अपने भाई के बारे में ये दुखद सूचना टीवी के माध्यम से मिली जिसके बाद उन्होंने शहीद की पत्‍नी कामिनी को फोन कर के इस बारे में बताया.

चार बहनों के इकलौते भाई थे पृथ्वी

42 साल के पृथ्वी अपनी चार बहनों के इकलौते भाई थे. सैनिक स्‍कूल रीवा से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाले पृथ्वी सिंह चौहान यहीं से एनडीए में सलेक्‍ट हुए तथा साल 2000 में भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने. कोयम्‍बटूर के पास एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनात पृथ्वी वर्तमान में इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर थे. पृथ्वी ने साल 2007 में वृंदावन की रहने वाली कामिनी के साथ सात फेरे लेकर उन्हें अपना जीवन साथी चुना था. पृथ्वी 12 साल की बेटी आराध्या और 9 साल के बेटे अविराज के पिता थे.

पृथ्‍वी सिंह चौहान का केवल नाम ही शूरवीरों वाला नहीं था बल्कि उनके अंदाज और तेवर भी वैसे ही थे. पृथ्वी के पास ऐसा कौशल था कि वह दुश्‍मन के लड़ाकू विमानों को चकमा देने में माहिर हो गए थे लेकिन नियति ने इस शानदार पायलट को हेलीकॉप्‍टर में आई तकनीकी खामी के कारण हमसे छीन लिया. हैदराबाद से अपने शानदार करियर की शुरुआत करने वाले विंग कमांडर पृथ्वी की पोस्टिंग गोरखपुर, गुवाहाटी, ऊधमसिंह नगर, जामनगर, अंडमान निकोबार सहित अन्‍य एयरफोर्स स्‍टेशन्‍स पर हुई थी. वह विशेष ट्रेनिंग के लिए सूडान भी गए थे.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!