एक अनाथ जिसने अखबार बेचा, चप्पल पहनकर ट्रायल दिया और गौतम गंभीर को बना लिया मुरीद

एक अनाथ जिसने अखबार बेचा, चप्पल पहनकर ट्रायल दिया और गौतम गंभीर को बना लिया मुरीद

जब मेहनत रंग लाती है तो किस्मत का लिखा भी पलट जाता है. दिल्ली के मुहम्मद वसीम के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वसीम दिल्ली की सड़कों पर साइकिल दौड़ाते हुए अखबार बांटते हैं लेकिन आज उनका नाम बड़े बड़े अखबारों की सुर्खियों में बना हुआ है. इसकी दो वजहें हैं, पहली उनका टैलेंट और दूसरी उनकी मेहनत.

19 साल का वसीम खेलेगा दिल्ली प्रीमियर लीग

बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि आखिर ये मोहम्मद वसीम है कौन. दरअसल, भारतीय पूर्व दिग्गज क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपने ट्विटर एकाउंट से 4 तस्वीरें शेयर की हैं. ये चारों तस्वीरें अखबार बांटने वाले 19 वर्षीय लड़के मोहम्मद वसीम की हैं. वसीम दिल्ली की गलियों से निकल कर सामने आए क्रिकेट के एक तेज गेंदबाज हैं. बता दें कि पूर्वी दिल्ली में तैयार किए गए यमुना स्पोटर्स कांप्लेक्स में पहली बार दिल्ली ईस्ट दिल्ली प्रीमियर लीग का आयोजन हो रहा है और वसीम का सलेक्शन इसी ईस्ट दिल्ली प्रीमियर लीग के लिए हुआ है.

उनके सलेक्शन के बाद गौतम गंभीर ने इस युवा क्रिकेटर की तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा कि ‘जो अख़बार मुहम्मद वसीम बांटा करता था, अब उसी में उसकी फ़ोटो छपेगी.’ गंभीर द्वारा साझा की गईं मोहम्मद वसीम की ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.

चप्पल पहन कर फेंकते हैं 140 किमी की स्पीड से गेंद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईस्ट दिल्ली प्रीमियर लीग के ट्रायल के दौरान मोहम्मद वसीम ने अपनी गेंदबाजी से सबको हैरान कर दिया था. दिल्ली की सड़कों पर अखबार बांटने वाला ये 19 साल का लड़का ट्रायल देने चप्पल पहन कर पहुंच गया. इन्हीं चप्पलों में वसीम ने 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ गेंद फेंकी और सलेक्टर्स की नजरों में आ गया.

कम उम्र में ही खो दिया था मां बाप को

क्रिकेट के शौकीन और पेपर डिलीवरी बॉय का काम करने वाले मोहम्मद वसीम ने मीडिया को बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था. अब वह अपने परिवार की मदद के लिए काम करते हैं. उनका भाई भी काम करता है, लेकिन फिर भी वसीम की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है.

वसीम का मानना है कि टूर्नामेंट के लिए सलेक्ट होने के बाद उनके क्रिकेटिंग करियर को बढ़ावा मिलेगा. वसीम ने बताया कि अधिकारियों ने भी उनकी मदद की है. उन्हें अब प्रेक्टिस के लिए क्रिकेट किट और जूते मिल चुके हैं.

क्रिकेटर से सांसद बने गंभीर ने इस टूर्नामेंट का आयोजन करवाया है. इस टूर्नामेंट के बारे में गंभीर ने कहा है कि ‘यहां खिलाड़ी की पृष्ठभूमि से कोई फर्क नहीं पड़ता यहां उसकी प्रतिभा मायने रखती है. गंभीर इसे जनता खेल बताते हैं. इस टूर्नामेंट में 10 टीमें आपस में भिड़ेंगी और जीतने वाली टीम 30 लाख रूपये की इनामी राशि पाएगी. वहीं रनरअप टीम को 20 लाख रूपये इनाम स्वरूप दिए जाएंगे.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!