मां के बर्थडे पर हैलिकॉप्टर ले आया बेटा, देखकर खुशी से रोने लगी मां, लोग बोले- श्रवण कुमार..

मां के बर्थडे पर हैलिकॉप्टर ले आया बेटा, देखकर खुशी से रोने लगी मां, लोग बोले- श्रवण कुमार..

हर बेटे के लिए उसकी मां पूरी दुनिया होती है। वह अपनी मां की खुशियों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। अब ठाणे जिले के उल्हासनगर में रहने वाले इस बेटे को ही देख लीजिए। इस बेटे ने अपने मां की सालों पुरानी इच्छा पूरी करने के लिए जो किया वह देख लोग उसे आज के युग का श्रवण कुमार बता रहे हैं।

उल्हासनगर के रहने वाले प्रदीप गरड की मां रेखा का बीते मंगलवार को 50वां जन्मदिन था। वे कई दिनों से इस दिन की प्लानिंग कर रहे थे। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह अपनी मां को ऐसा कौन सा गिफ्ट दे जिसे देख वह खुश हो जाए। फिर उसे अपनी मां की सालों पुरानी एक इच्छा याद आई। एक बार उनकी मां ने आसमान में उड़ते हैलिकॉप्टर को देखकर कहा था कि हमारा ऐसा नसीब कहां जो हैलिकॉप्टर में बैठ जाए।

बस फिर प्रदीप ने थान लिया कि वह अपनी मां का यह सपना जरूर पूरे करेगा। इसके लिए उसने हेलीकॉप्टर राइड का इंतजाम कर दिया। ये एक सरप्राइज था जिसकी भनक उसने मां को नहीं लगने दी। इसके बाद वह अपनी मां को सिद्धिविनायक ले जाने का कहकर जुहू के एयरबेस ले गया। यहां खड़े हेलीकॉप्टर की तरफ उसने इशारा किया और कहा कि मां आज आप इसमें सिर करेंगी। बेटे की यह बात सुन मां की आंखों से आँसू बने लगे। वह रोते रोते कहने लगी कि भगवान ऐसी संतान सभी को दे।

प्रदीप की मां रेखा मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के बार्शी की रहने वाली है। शादी के बाद वह उल्हासनगर शिफ्ट हो गई थी। वे तीन बच्चों की मां हैं। प्रदीप जब 11 के थे तभी उनके पिता का निधन हो यज्ञ। ऐसे में मां ने ही सभी बच्चों की पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी उठाई। मां ने इसके लिए बहुत संघर्ष भी किया। यहां तक कि दूसरे लोगों के घर जाकर काम भी किया। आखिर उनकी मेहनत भी रंग लाई और बच्चों ने अच्छी शिक्षा प्राप्त की। उनका बड़ा बेटा तो आज बड़ी पोस्ट पर जॉब भी करता है।

अपनी मां के सपने के बारे में प्रदीप बताते हैं कि मैं जब 12वीं में था तब घर के ऊपर से एक हैलिकॉप्टर उड़ता हुआ जा रहा था। इसे देख मां ने कहा था कि क्या हम कभी लाइफ में इसमें बैठ पाएंगे? बस उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मैं एक दिन मां को हैलिकॉप्टर की सैर कराऊंगा। फिर जब मां का 50वां जन्मदिन आया तो यह आइडिया दिमाग में आया और मैंने मां की बरसों पुरानी इच्छा पूरी कर दी।

अब सोशल मीडिया पर इस बेटे की बहुत तारीफ हो रही है। लोग इसे श्रवण कुमार तक कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि भगवान हमे भी प्रदीप जैसा भाई और बेटा दे। इस बात में कोई शक नहीं कि ये एक बेटे द्वारा मां को दिया गया बहुत ही शानदार गिफ्ट था। मां को स्पेशल फिल करना हर बेटे का फर्ज होता है।

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