म्यूचुअल फंड में निवेश के नाम पर बैंक कर्मचारी ने की 3.89 करोड़ की ठगी

राजधानी शिमला में म्यूचुअल फंड में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। हैरत की बात यह है कि ठगी करने का यह आरोप किसी बड़े अपराधी पर नहीं बल्कि आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी पर लगा है।

बैंक प्रबंधन की शिकायत पर आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि अभी तक आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मामले के अनुसार आरोपित ने उक्त बैंक के खाताधारकों से म्युचुअल फंड के नाम पर करोड़ों की राशि जुटाई और इसे अपने निजी बैंक खाते में जमा करता रहा। लेकिन जब म्युचुअल फंड के निवेश का विवरण बैंक के अभिलेखों में नहीं मिला, तो खाताधारक ने बैंक में शिकायत कर दी।

इसके बाद बैंक प्रबन्धन द्वारा मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने जांच में पाया कि आरोपित बैंक कर्मचारी ने उक्त बैंक के नाम पर करीब 3,89,89,582 रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम देने वाला आरोपी अरविंद कुमार बीते सात सालों से इसी बैंक में सेवारत था। वह हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के परवाणू का मूल निवासी है।

आईसीआईसीआई बैंक शिमला के ब्रांच मैनेजर सुमित डोगरा ने छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है कि परवाणू निवासी अरविंद कुमार वर्ष 2015 से आईसीआईसीआई बैंक की कसुम्पटी ब्रांच में तैनात था।

वर्तमान में उसकी पोस्टिंग उक्त बैंक की न्यू शिमला ब्रांच में है। अरविंद कुमार ने उक्त बैंक के खाताधारकों से म्युचुअल फंड के नाम पर रकम एकत्रित की और उसे अपने निजी बैंक खाते में जमा करवाया। इस मामले पर बिठाई गई कमेटी की जांच रिपोर्ट में म्युचुअल फंड के निवेश में 3.89 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा हुआ है।

एएसपी शिमला सुनील नेगी ने गुरुवार को बताया कि बैंक कर्मचारी अरविंद कुमार के खिलाफ छोटा शिमला थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। छोटा शिमला की थाना प्रभारी ममता मामले की जांच कर रहे हैं। तथ्यों की पुष्टि होने जाने के बाद कानून के अनुसार आरोपित को सजा दिलाई जाएगी।

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