कहते है कि इस मंदिर में प्रवेश करते ही सारे दर्द और टूटी हुई हड्डियां जुड़ जाती हैं

भारत में बहुत से ऐसे मंदिर हैं, जहाँ पर एक से बढ़कर एक चमत्कार होते देखे गए हैं। इन मंदिरों में भक्तों की आस्था को हकीकत में असर करते देखा गया है। आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के चमत्कारों के बारे में बताने जा रहे जहाँ भक्तों की आँखों के सामने ही उनके विश्वास को चमत्कार का रूप लेते हुए देखा जाता है। जी हां यहां भक्तों के सामने देखते देखते भगवान रोगी को ठीक कर देते हैं। तो आइए बताते हैं कहाँ स्थित है ये मंदिर,और कौन हैं यहां के डॉक्टर।

आज हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वो मध्यप्रदेश के कटनी शहर के नजदीक है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ बजरंग बली दो अपने भक्तों की टूटी हुई हड्डियों को जोड़ देते हैं। इस मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर हनुमान जी के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान बजरंग बली का प्रसाद ग्रहण करने से टूटी हुई हड्डी खुद ही से जुड़ जाती है। जिन मरीजों को डॉक्टर तक नही ठीक कर पाते हैं,वे रोगी भी इस डॉक्टर हनुमान जी के मंदिर से प्रसाद ग्रहण करके ठीक हो जाते हैं।

एम्बुलेंस से आते हैं रोगी यह मंदिर मध्यप्रदेश के कटनी से 35 किलोमीटर की दूरी बसे मोहास गाँव में यह प्रसिद्ध बजरंग बली का यह चमत्कारी मंदिर स्थित है,जहां नित्य निये चमत्कार घटित होते हैं। भक्त रोगी यहाँ एम्बुलेंस में लद कर आते हैं और बजरंग बली के चमत्कार से स्ट्रेचर पर लदे रोगी भी ठीक होकर अपने पैरों पर खड़े होकर जाते हैं। इस चमत्कारी मंदिर में कई वर्षों से हड्डियों को जोड़ने का इलाज इसी प्रकार होता आ रहा है।

करवाया जाता है राम नाम जाप इस मंदिर में रोगियों से इलाज के लिए कोई भी शुक्ल नही लिया जाता है। मंदिर परिसर में रोगी भक्तों के लिए एक विशेष पूजा का आयोजन होता है। इसके दौरान रोगी को राम नाम का जप करने की सलाह दी जाती है। जब रोगी यह जप कर रहा होता है तब मंदिर के पुजारी प्रसाद रूपी औषधि रोगी को दे देते हैं और इसे चबा कर खाने को कहते हैं ।

ऐसा बताया जाता है कि यह प्रसाद जड़ी बूटियों से मिल कर बनता है। यह एक तरह की प्राकृतिक दवा होती है। इसे खिलाने के बाद रोगी को घर भेज दिया जाता है। और बजरंग बली की कृपा से यह प्रसाद रूपी औषधि अपना असर करती है जिससे कि रोगी ठीक हो जाता है।

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