Ankita Bhandari Murder आरोपियों का केस लड़ने से वकीलों का इनकार, बोले ‘अंकिता हम सबकी बेटी थी, न केस लड़ेंगे न लड़ने देंगे’

अंकिता भंडारी मर्डर केस में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई. इस दौरान वकीलों का भारी विरोध देखने को मिला, जिस वजह से सुनवाई टाल दी गई. वकीलों ने अंकिता के हत्यारोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया है.

इस मामले में पुलिस ने 23 सितंबर को वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक और भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य सहित दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया था.

‘नहीं लड़ेंगे अंकिता के आरोपियों का केस’

हत्यारोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था. प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस रिमांड नहीं मिलने पर कई सवाल उठाए थे. हत्यारोपियों की न्यायिक हिरासत 06 अक्तूबर को खत्म हो रही है.

ऐसे में बड़ी खबर ये आ रही है कि कोटद्वार बार एसोसिएशन ने प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के हत्यारों का केस न लड़ने का निर्णय लिया है.

दोषियों को मिले सख्त से सख्त सजा

इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत का कहना है कि अंकिता हत्याकांड जैसे दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. सभी अधिवक्ता अंकिता के परिवार के साथ हैं और सभी मिलकर यह प्रयास करेंगे कि अंकिता के परिवार को शीघ्र इंसाफ मिले.

इस संबंध में अन्य वकीलों का कहना है कि देवभूमि में ऐसे हादसे होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. दोषियों को ऐसा दंड मिलना चाहिए जो पूरे देश में एक उदाहरण बन सके. वकीलों ने इस मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करने की मांग भी की थी.

आरोपियों के वकील ने केस लड़ने से किया इनकार

वकीलों के इस विरोध में अंकिता हत्याकांड को लेकर आरोपियों की बेल की अर्जी लगाने वाले रिमांड एडवोकेट भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने बेल की अर्जी वापस लेते हुए ये केस लड़ने से मना कर दिया है.

एडवोकेट जितेंद्र रावत ने कोटद्वार न्यायायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भावना पांडे की अदालत में बेल अर्जी लगाई थी. लेकिन अब उनका कहना है कि मामले को संदेवनशील देखते हुए उन्होंनें आरोपियों की बेल की अर्जी का प्रार्थना पत्र वापस ले लिया है.

अजय पंत का कहना है कि अगर अंकिता हत्याकांड को लेकर कोई अधिवक्ता बाहर से आरोपियों की पैरवी करने आते हैं तो बार एसोसिएशन उसका पूरा विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि अंकिता हम सबकी बेटी थी. उन्होंने इस मामले के संवेदनशील होने के चलते खुद अंकिता की तरफ से कोर्ट में पैरवी करने की बाद कही है.

बता दें कि उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता ऋषिकेश में नौकरी करती थी. 5 दिनों से तक लापता रहने के बाद 24 सितंबर की सुबह चलाये गए सर्च ऑपरेशन में अंकिता की लाश चीला के पास मिली थी. इस हत्याकांड को लेकर प्रदेश सहित देश भर से विरोध उठ रहा है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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