लगातार 4 बार असफलता मिलने पर लोगों के सुनने पड़ते थे तानें, 17वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

लगातार 4 बार असफलता मिलने पर लोगों के सुनने पड़ते थे तानें, 17वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

upsc परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा के तौर पर देखा जाता है. इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मेहनत के साथ साथ धैर्य की जरूरत पड़ती है. आज हम आपको आईएएस राहुल संकानूर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उन्होंने कई बार असफलता का सामना किया.

फिर अपने कड़े प्रयास और मेहनत की बदौलत यूपीएससी परीक्षा में अच्छी खासी रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपनों को पूरा किया. उनकी कहानी ऐसे युवाओं को प्रेरणा दे सकती है जो एक या दो प्रयासों के बाद हार मान लेते हैं. आइए जानते हैं राहुल संकानूर ने अपने सपनों को कैसे पूरा किया.

कौन हैं  आईएएस राहुल संकानूर

राहुल संकानूर कर्नाटक के हुबली के रहने वाले हैं. एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले संकानूर के पिता एक साधारण नौकरी करते थे. वहीं मां परिवार की जिम्मेदारियां संभालती हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कर्नाटक से ही पूरी की. राहुल ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई इंजीनियरिंग से पूरी की. इसके बाद उन्होंने एक आईटी कंपनी में नौकरी करना शुरू कर दिया. नौकरी के करीब 2 साल बाद उन्हें लगा कि वो एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर कुछ सीमित लोगों को लाभ पहुंचा पा रहे हैं.

इसलिए उन्होंने यूपीएससी तैयारी करने का विचार किया. इस दौरान उन्होंने स्टडी मैटेरियल लेकर पढ़ाई करना शुरू कर दिया. राहुल बताते हैं कि पढ़ाई के साथ साथ उन्हें नौकरी करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. इसलिए उन्होंने बाद में नौकरी छोड़ दी. नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने पूरी मेहनत से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया. अब राहुल का पूरा फोकस यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करना था.

4 प्रयासों में नहीं मिली असफलता

राहुल ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला कर तो लिया था लेकिन उनके लिए ये सफर बिलकुल भी आसान नहीं था. वो बताते हैं उन्होंने जब से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कि तब से उन्हें लगातार चार बार असफलता का सामना करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने हौसला कायम रखा. वो बताते हैं कि इस दौरान उनके परिवार ने भी बहुत साथ दिया. लागातार असफलता मिलने के कारण उनके पड़ोसी और रिश्तेदार ताने मारने लगे थे. हालांकि उन्होंने प्रयास करना नहीं छोड़ा.

अपनी तैयारी के बारे में वो बताते हैं कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के सिलेबस को बहुत अच्छी तरह से समझकर पढ़ाई की थी. एनसीरआरटी की किताबें, न्यूजपेपर और जरूरी नोट्स बनाकर उन्होंने अपनी तैयारी पूरी की.

17वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत राहुल ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में पूरे देश के भीतर 17वीं रैंक हासिल की. इसी के साथ उन्हें आईएएस अधिकारी बनने का मौका भी मिला. वहीं, राहुल ने अपनी सफलता के बारे में बताया कि जब आप सफल होते हैं तो लोग आपको सफलता के नजरिए से ही देखते हैं लेकिन जब आप असफल होते हैं तो लोग अलग अलग तरह की बातें करते हैं. अगर आप नकारात्मकता को दूर करना चाहते हैं तो ऐसे लोगों से आपको दूरी बनाकर ही रखनी चाहिए. इसके अलावा आपको सटीक रणनीति के साथ तैयारी करते रहना है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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