वजन बढ़ने पर यहां की सरकार कराती है डाइटिंग, नहीं करने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना

वजन बढ़ने पर यहां की सरकार कराती है डाइटिंग, नहीं करने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना

जापान दुनिया का वो देश जिसे सभ्‍यता और संस्‍कृति का लीडर माना जाता है. इस समय इस देश में ओलंपिक खेलों का आयोजन हो रहा है. इन खेलों के दौरान सबकी नजरें बस इसी देश पर टिकी हुई हैं. जापान को एशिया के पहले विकसित देश होने का तमगा हासिल है. जापान साम‍ाजिक और तकनीकी स्‍तर पर दुनिया का सबसे एडवांस्‍ड देश है. इसके अलावा ये वो इकलौता देश है जिसने परमाणु हमले को झेला है. खैर, इन सबसे अलग हम आपको जापान के कुछ खास तथ्‍यों के बारे में बताते हैं.

कमर के साइज पर नजर रखती है सरकार

जापान के सूमो पहलवान पूरी दुनिया में मशहूर हैं. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सुमो रेसलिंग के अलावा देश में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो ऑबेसिटी या मोटापे से परेशान होंगे. जापान में लोग बहुत ही संतुलित भोजन करते हैं. साल 2008 के मेटोबो लॉ के तहत सरकार 40 से 75 साल तक के लोगों पर नजर रखती है. सरकार का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि इनकी कमर का साइज न बढ़े और ये हमेशा फिट रहें. जापान के नागरिकों को इस वजह से हर साल अपनी कमर का साइज लेना अनिवार्य है. हर साल यहां पर कई कंपनियों और स्‍थानीय सरकारों को जिम्‍मेदााी दी जाती है कि वो नागरिकों की कमर का साइज लें.

क्‍या है सरकार के तय स्‍टैंडर्ड

जापान में पुरुषों के लिए 33.5 इंच और महिलाओं के लिए 35.4 इंच की वेस्‍टलाइन को मंजूरी सरकार की तरफ से मिली हुई है. साल 2005 में जापान की इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की तरफ से कमर का यह साइज तय किया गया था. द टाइम्‍स के मुताबिक अगर साइज इससे ज्‍यादा होता है तो लोगों को तीन माह तक डाइटिंग की गाइडेंस दी जाती है ताकि उनका वजन कम हो. जरूरत पड़ने पर इसे 6 माह के लिए भी बढ़ दिया जाता है.

क्‍यों पड़ी इस कानून की जरूरत

जापान की अथॉरिटीज का मकसद नागरिकों को स्‍वस्‍थ रखना है ताकि वो दिल की बीमारियों, डायबिटीज और स्‍ट्रोक्‍स से दूर रहें. हालांकि ये भी सच है कि अगर नागरिक मोटे होते हैं तो उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है. उन्‍हें न तो फाइन भरने के लिए कहा जाता है और न ही किसी तरह की कोई सजा उन्‍हें दी जाती है. लेकिन हां वो जिस कंपनी के साथ जुड़े हैं, उसे सजा मिलती है. जनवरी 2008 में जापान में कानून आया था जिसके तहत बढ़ते वजन पर रोक लगाने की कोशिशें की गई थीं. उस समय देश में लोगों को हाई ब्‍लड प्रेशर, हाई ब्‍लड शुगर और कमर के आसपास बॉडीफैट जमने की समस्‍या देखी गई थी. इसकी वजह से लोगों में हार्ट डिजीज, स्‍ट्रोक और डायबिटीज का खतरा बढ़ गया था.

कंपनियां चेक करती है वजन

अत्‍यधिक वजन की वजह से बीमार लोगों की आबादी को कम करने के लिए सरकार ने उन कंपनियों और स्‍थानीय सरकारों पर फाइन लगाया था जो तय लक्ष्‍य को पूरा करने में असफल थे. कुछ जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक समय-समय पी अपने इंप्‍लॉयीज, उनके परिवारवालों और यहां तक कि रिटायर हो चुके कर्मियों की कमर का साइज लेती हैं. जापान की एक कंपनी NEC को जो पर्सनल कंप्‍यूटर्स बनाती है, एक बार उसे अपने ज्‍यादा वेस्‍टलाइन वाले कर्मियों की वजह से 19 मिलियन डॉलर का जुर्माना अदा करना पड़ गया था.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!