ठेले पर सब्जी बेचकर माँ-बाप ने बेटी को पढ़ाया, होनहार बिटिया ने “जज” बनकर नाम रौशन कर दिया!

कहा जाता है कि अगर आपको गरीबी से निकलना है तो पढ़ाई एक ऐसा जरिया है जिससे आप इस गरीबी से निकल सकते हैं! पढ़ाई आज के समय भी आपको नाम पहचान सब कुछ दिलाती है!

पढ़ाई हमेशा से लोगों को पहचान दिलाती आई है! पढ़ाई की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस समय जातिवादी जोरों पर था उस समय डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने पढ़ाई की!उनकी बदौलत उन्हें आज भी सम्मान दिया जाता है!

पढ़ाई किसी भी दौर में की गई हो हमेशा पढ़ाई से सकारात्मक परिणाम मिले हैं!ऐसी ही कहानी है एक गरीब ठेले वाले के बेटे की! जिनकी बेटी ने उनका नाम रोशन कर दिया!

इंदौर के मुसाखेड़ी चौराहे पर वह सब्जी बेचते थे! मगर उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सर्वस्व लगा दिया! एक पिता की की गई तपस्या भी काम आई और एक बेटी की की गई मेहनत भी काम आयी!

उनकी बेटी सिविल जज बन गई है! इससे खुशी की बात एक पिता और बेटी के लिए क्या हो सकती है कि उनकी मेहनत सार्थक हो गई!

पिता सुबह 5:00 बजे उठकर मंडी में सब्जी खरीदने जाते! उनकी माता भी 8:00 बजे तक खाना तैयार करके सब्जी की रेहड़ी पर साथ में जाती थी! जो लड़की सिविल जज बनी है उनका नाम अंकिता है!

अंकिता का एक भाई आकाश रेत मंडी में मजदूरी करता है!अंकिता की एक बहन की शादी हो गई है! अंकिता घर में सबसे बड़ी है! अंकिता ने बताया है कि जब रेहड़ी पर ज्यादा भीड़ होती है|

शाम के समय वह भी ठेले पर अपने माता पिता की मदद के लिए जाती थी! 11:00 बजे वह घर वापस लौटती हैं और उसके बाद वह पढ़ाई करती हैं! अंकिता हर रोज 8 से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करती थी!

एक तरफ जहां पर अंकिता ने अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है! वहीं पर वह और लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई है! अगर आप बेरोजगार हैं तो घर बैठे आसानी से हर महीने ₹1 लाख तक कमा सकते हैं! इसके लिए गूगल पर सर्च करें oyehoye. in! यहां पर रजिस्टर करते ही आपको 20 हजार भी मिल जाएंगे!

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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