कभी 12 रु लेकर सूरत आए थे पद्मश्री Savji Dholakiya, आज 50Cr का हेलीकॉप्टर Donate कर बने दानवीर

कभी 12 रु लेकर सूरत आए थे पद्मश्री Savji Dholakiya, आज 50Cr का हेलीकॉप्टर Donate कर बने दानवीर

दूसरों की मदद करने की लिए बड़े दिल की जरूरत होती है. ठीक उसी तरह जिस तरह से 95 वर्षीय सावजी ढोलकिया ने अपना दिल बड़ा किया है. सावजी का नाम हाल ही में पद्मश्री अवॉर्ड के लिए घोषित किया गया है. अब उन्होंने अपनी दानवीरता दिखा कर ये साबित कर दिया है कि वह सच में पद्मश्री के काबिल हैं.

दान किया 50 करोड़ का हेलीकॉप्टर

95 वर्षीय सावजी ढोलकिया देश की प्रसिद्ध डायमंड्स कंपनी हरी कृष्णा डायमंड्स के मालिक हैं. कुछ दिनों पहले पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा के बाद वह मीडिया की सुर्खियों में थे. अब एक बार फिर से उन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. वह इस बार अपनी दानवीरता के कारण सुर्खियों में हैं.

दरअसल उन्हें हाल ही में अपने परिवार की तरफ से 50 करोड़ की कीमत का ब्रांड न्यू हेलीकॉप्टर तोहफे में मिला था. सावजी ने ये हेलीकॉप्टर सूरत में मेडिकल तथा अन्य एमर्जेंसियों के लिए दान कर दिया है.

परिवार की तरफ से मिला था उपहार

सावजी ढोलकिया को ये हेलिकॉप्टर उनके परिवार के सदस्यों ने देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार को प्राप्त करने के बाद उपहार में दिया था. सावजी सूरत के लोगों के लिए एक हेलीकॉप्टर दान में देने की योजना बना रहे थे. इसी दौरान उन्हें ये सरप्राइज गिफ्ट मिला. इसके बाद उन्होंने तुरंत ही इसे दान करने का फैसला ले लिया.

समाज कल्याण के लिए किया दान

सावजी के अनुसार उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि उनका परिवार उन्हें इतना बड़ा उपहार देने जा रहा है. वह अपने परिवार की तरफ से दिए गए इस उपहार को अस्वीकार नहीं कर पाए. लेकिन उन्होंने फैसला किया कि वह इसे समाज कल्याण कार्यों के लिए दान कर देंगे.

उनका कहना है कि सूरत भले ही गुजरात की आर्थिक राजधानी है मगर इसके पास अपना हेलिकॉप्टर नहीं है. इसीलिए उन्होंने फैसला लिया कि वह इस हेलीकॉप्टर को सूरत के लोगों तथा सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए दान करेंगे.

अपने कर्मचारियों को देते हैं महंगे उपहार

बता दें कि सावजी ढोलकिया के लिए दान करना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले वह सौराष्ट्र में अमरेली जिले के लाठी तालुका में अपने पैतृक स्थान पर 75 से अधिक तालाबों का निर्माण करवा चुके हैं. ये सभी तालाब अकाला, दुधला, लाठी आदि विभिन्न गांवों में बंजर सरकारी जमीन पर बनाए गए थे.

इसके अलावा सावजी अपने कर्मचारियों को महंगे महंगे उपहार देने के लिए भी जाने जाते हैं. उन्होंने अपने कर्मचारियों को 500 कारें, 471 ज्वेलरी सेट और 280 दो बेडरूम वाले फ्लैट गिफ्ट किये हैं.

सावजी ढोलकिया की कंपनी में 5,500 कर्मचारी काम करते हैं तथा इनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 6000 करोड़ रुपये से अधिक है.

बता दें कि ढोलकिया ने मात्र 13 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया था. इसके बाद वह 1977 में राज्य परिवहन की बस से सूरत आ गए थे. आज अपने कर्मचारियों को महंगे गिफ्ट देने वाले सावजी अरबों के मालिक हैं लेकिन जब वह सूरत आई थे तब उनकी जेब में मात्र बस किराए के लिए 12.5 रुपये ही थे.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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