न्यू इंडिया में आ गई पहली ‘हाइड्रोजन कार’, कार से संसद पहुंचे गडकरी, बताया- कैसे चलती है?

न्यू इंडिया की न्यू कार हाइड्रोजन कार, अब जल्द ही भारत की सड़को पर दौड़ती हुई नजर आएँगी। बहुप्रतीक्षित पहली हाइड्रोजन कार भारत में अपना सफर शुरू कर चुकी है। . केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज बुधवार को इसकी  सवारी की।

आज केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली कार से संसद भवन पहुंचे। यह भारत में अपनी तरह की पहली कार है, जो ग्रीन हाइ़ड्रोजन से चलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मंत्री आज सुबह कार में अपने आवास से संसद भवन पहुंचे।

धुआं नहीं, पानी छोड़ती है ये कार!

केंद्रीय मंत्री इस एडवांस्ड कार में सवार होकर आज संसद पहुंचे। इस दौरान स्वच्छ ईंधन पर चलने वाली यह कार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। एक बार टंकी फुल में 600 km का सफर किया जा सकता है, जिसकी कीमत 2 रु प्रति किलोमीटर पड़ेगी। पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। इसकी टंकी 5 मिनट में ही फुल हो जाती है।

इस कार को टोयोटा  कंपनी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है और इसमें एडवांस फ्यूल सेल लगाया गया है। यह एडवांस सेल ऑक्सीजन  और हाइड्रोजन  के मिश्रण से बिजली पैदा करता है। इसी बिजली से कार चलती है। उत्सर्जन के रूप में इस कार से सिर्फ पानी निकलता है।

इलेक्ट्रिक कार की तरह है इसका मॉडल

दरअसल ये भी एक इलेक्ट्रिक गाड़ी है, जो हाइड्रोजन यूज कर चलने के लिए जरूरी इलेक्ट्रिसिटी बनाती है। इसके फ्यूल टैंक से हाइड्रोजन की सप्लाई Fuel Cell Stack को की जाती है। कार चारों ओर हवा में मौजूद ऑक्सीजन को खींचती है।

फिर इन दोनों गैसों के केमिकल रिएक्शन से पानी और बिजली जेनरेट होती है। बिजली का इस्तेमाल कार को चलाने में होता है, जबकि पानी साइलेंसर से बाहर आ जाता है।

विजुअल्स में मंत्री को ड्राइवर के बगल में कार की आगे की सीट पर बैठे हुए देखा जा सकता है। सफेद रंग की कार में हरे रंग की नंबर प्लेट होती है, जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों में भी किया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया भारत का फ्यूचर!

इसे लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में भारत का पहली हाइड्रोजन आधारित Fuel Cell Electric Vehicle टोयोटा मिराई लॉन्च की गई थी। नितिन गडकरी ने कहा कि यह कार पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है और इससे किसी तरह का प्रदूषण  नहीं फैलता है।

उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया था कि कैसे ग्रीन हाइड्रोजन कार को पावर दे सकती है। ग्रीन हाइड्रोजन भारत की ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुशल और पर्यावरण के अनुकूल है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में 70% कॉस्ट पावर की है। ऑर्गेनिक वेस्ट जो कचरा है उससे ग्लास मेटल और प्लास्टिक अलग करके उस कचरे को बायो डाइजेस्ट में डालकर मिथेन तैयार करके उससे भी ग्रीन हाइड्रोजन तैयार होगा। ग्रीन हाइड्रोजन पानी या ऑर्गेनिक वेस्ट से बनता है।

उन्होंने कहा कि यह कार भारत का फ्यूचर है। पेट्रोल और डीजल इंजन वाली कारों से काफी प्रदूषण फैलता है, लेकिन हाइड्रो फ्यूल सेल कार से बिलकुल भी प्रदूषण नहीं होता है। फिलहाल ग्रीन हाइड्रोजन की कीमत 5 डॉलर प्रति किलो के आसपास है। हाइड्रोजन कार की सोच को सही से ज़मीन पर उतारने को लेकर चुनौती कीमत को 1 डॉलर प्रति किलो तक लाने की भी है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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