बक्सर में पावर प्लांट का विरोध कर रहे किसानों को पीटा, तो पुलिस पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े

बिहार के बक्सर जिले में थर्मल पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे पर किसानों का प्रदर्शन उग्र हो गया। ग्रामीण बुधवार सुबह लाठी-डंडे लेकर पुलिस और पावर प्लांट पर टूट पड़े। पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी।

पूरे मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि उत्तेजित भीड़ ने पुलिस के 2 वाहनों, कंपनी के JCB सहित 16 वाहनों में आग लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया है। भीड़ के हमले में गृहरक्षकों सहित 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं।

पुलिस ने हवाई फायरिंग करके भीड़ को खदेड़ने की कोशिश की। दोनों तरफ से बीच-बीच में पत्थरबाजी भी हुई। इसमें चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

किसानों ने प्लांट के मुख्य गेट पर ताला लगाया

किसान 85 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने मंगलवार को प्लांट के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। उस समय पुलिस ने कुछ नहीं किया, लेकिन रात को पुलिस ने बनारपुर गांव में घुसकर मारपीट की। चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

वहां मौजूद एक शख्स ने घटना का वीडियो बना लिया। पुलिस की ज्यादती के विरोध में बुधवार सुबह लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर प्लांट पर पहुंच गए और हमला कर दिया।

13 गाड़ियां जलाईं, डीएम मौके पर

मौके पर DM, SDM और DSP समेत जिले के थानों की फोर्स पहुंच गई है। इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। भीड़ ने पुलिस की दो वज्र वाहन, तीन बाइक, कंपनी की तीन बसें, 3 अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस और क्रेन में आग ला दिया।

रात के वक्त किसानों को पीटा, महिला-बच्चों को नहीं छोड़ा, भड़के ग्रामीण

बक्सर के मुफस्सिल थाने के चौसा में बनारपुर गांव के पास थर्मल पावर प्लांट लग रहा है। किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है, इसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैं। मंगलवार रात 11:30 में गांव में पुलिस पहुंची। घर में सो रहे किसानों के दरवाजे को जोर-जोर से पीटने लगी।

कुछ किसानों ने तो अपना दरवाजा ही नहीं खोला, लेकिन जिन किसानों ने अपना दरवाजा खोला, उन पर पुलिस टूट पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान महिलाओं और बच्चों को भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस नरेंद्र तिवारी के साथ चार लोगों को गिरफ्तार कर के ले गई है।

बिहार को मिलेगा बिजली का 85% हिस्सा

PM नरेन्द्र मोदी ने 1320 मेगावाट के इस प्लांट की आधारशिला 9 मार्च 2019 को रखी थी। ग्रीन फील्ड सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी वाले इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 11,000 करोड़ रुपए है। इसे केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार की संयुक्त स्वामित्व वाली SJVN (सतलुज जल विद्युत निगम) बना रही है।

अभी तक 75% काम पूरा हो गया है। इस प्लांट से 9828 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होगा। करार के अनुसार संयंत्र से उत्पादित बिजली का 85% बिहार को दिया जाएगा।

137.0077 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार चौसा क्षेत्र के चौदह गांवों के मौजे के 137.0077 एकड़ जमीन पर रेल कॉरिडोर बनना है। इसके लिए 55.445 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जाएगी। इसमें कई गांव के मौजे के तहत कुल 309 किसानों की भूमि की अधिसूचना निकाली गई है।

इन गांवों की जमीन अधिग्रहण में – बनारपुर, ​​​सलारपुर, महुवारी, हुसैनपुर, कठघरवा, खेमराजपुर, चौसा, न्यायीपुर, धर्मागतपुर, महादेवा, माधोपुर, अखौरीपुर गोला, बघेलवा, बेचनपुरवा और मोहनपुरवा।

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