नेत्रहीन IIS अफसर की Love Story ने जीत लिया करोड़ों लोगों का दिल!

प्यार एक ऐसा शब्द है जिसके एहसास के लिए इंसान के पास सिर्फ दिल होना चाहिए। यह एहसास आपको कई बार जिंदगी भर एक रिश्ते में बांधे रखता है। कई बार बिना नाम के भी कुछ लोगों से इस शब्द के चलते ऐसा नाता जुड़ जाता है कि वह जिंदगी भर आपके हर खुशी गम में नजर आता है।

आज आपको एक ऐसे व्यक्ति की प्रेम कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनने के बाद आपको वैलेंटाइन डे का असल मतलब समझ में आएगा। यह कहानी नेत्रहीन IIS अफसर कमल कुमार की है। इस लवस्टोरी ने लाखों करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया है।

सभी जानते हैं कि आंखें ना हो तो पूरी दुनिया एक अंधेरी नगरी सी नजर आती है। ऐसे में प्यार का एहसास इंसान को डर के दरवाजे की दस्तक तक भी ले जाता है, तो कई बार यही एहसास आपकी जिंदगी के सफर को आसान बना देता है। कमल कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कमल कुमार ने अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी जिंदगी में हार नहीं मानी। यही कारण है कि वह आज एक IIS अफसर है।

इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उनके परिवार वालों ने उनका पूरा साथ दिया है। इसके लिए वह अपने माता-पिता का हमेशा धन्यवाद करते हैं। साथ ही वे सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को भी देते हैं। कमल और उनकी पत्नी की लव स्टोरी बेहद दिलचस्प है। जहां कमल नेत्रहीन है तो वहीं उनकी पत्नी विनीता लाइट परसेप्शन से पीड़ित है।

दोनों की मुलाकात स्पेशल स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही हुई थी। इस मुलाकात के बाद ही दोनों को एक दूसरे से प्यार का एहसास हुआ। विनीता कमल की जूनियर थी, लेकिन दोनों कॉलेज में आए तो यह रिश्ता पहले बात…फिर मुलाकात…फिर प्यार के दरवाजे तक दस्तक देने लगा। विनीता और कमल एक साथ स्कूल में पढ़ते थे और दोनों एक दूसरे को बचपन से ही जानते थे।

बचपन का प्यार अगर आपके जिंदगी सफर पर चल पड़े, तो इससे खूबसूरत एहसास और कुछ नहीं होता। यही कारण था कि कमल कुमार अपनी प्रेमिका से मिलने उनके हॉस्टल की पाबंदियों के बाद भी पहुंच जाते थे।

कमल जन्म से ही नेत्रहीन थे। यही कारण था कि लोग उन्हें हमेशा पढ़ाई करने और प्रोफ़ेसर बन जाने की सलाह देते थे, लेकिन कमल के इरादे कुछ और ही कर दिखाने के थे। अपने मजबूत इरादों के साथ उन्होंने रेडियो लाइन का चयन किया। कमल में 11वीं क्लास में ही यह फैसला कर लिया था कि वो रेडियो लाइन में अपना करियर बनाएंगे। लोगों ने उन्हें कई बार ताने दिए, लेकिन वह कहते थे कि एक सफल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है…और ऐसा ही कुछ विनीता ने भी किया।

जब लोगों ने ताने दिए तो विनीता ने उनका हाथ थाम कर उन्हें उनके सपनों को पूरा करने का हौसला दिया। कमल पढ़ाई में हमेशा से तेज थे। डिबेट कंपटीशन में भी भाग लेते थे और उन्हें हर बार प्राइस मिलता था। ऐसे में कई लोग कहते कि कि इसे तो दया भावना में दे दिया होगा, लेकिन लोगों के इस तरह के ताने भी कमल के हौसले नहीं तोड़ पाए। वह कभी नहीं रुके।

स्कूल के बाद जब कमल कॉलेज में पहुंचे तो वहां एक बार फिर से विनीता का साथ मिला। ऐसे में दिल्ली पढ़ने आए तो दोनों की मुलाकातें और प्यार का सफर आगे बढ़ने लगा। दोनों एक दूसरे के संघर्ष की कहानी में एक दूसरे का साथ ढूंढने लगे। दोनों ने दिल्ली में एक साथ संघर्ष किया और इस दौरान कमल ने मीडिया हाउस में भी काम किया।

इसके बाद उन्होंने IIMC में रेडियो ऑपरेटर के तौर पर काम किया, लेकिन यहां भी उन्हें लोगों से ताने सुनने को मिले। इन सब के बावजूद वह नहीं रुके। इसके बाद उन्होंने IS सीनियर ऑफिसर की पोस्ट के लिए आवेदन किया और एग्जाम भी उन्होंने पास कर लिया। इस दौरान विनीता ने टीचर का एग्जाम दिया।

दिलचस्प बात ये थी कि विनीता और कमल के ऑफर लेटर भी एक साथ ही आए। आज विनीता एक सरकारी स्कूल में टीचर काम करती है तो वहीं दूसरी ओर कमल कुमार ऑल इंडिया रेडियो में IIS अफसर के तौर पर कार्यरत है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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