कहानी उस कांस्टेबल की जिसने Sunny Deol की फिल्म देखकर चुना लक्ष्य, 3 Govt Jobs छोड़कर बना IPS

कहानी उस कांस्टेबल की जिसने Sunny Deol की फिल्म देखकर चुना लक्ष्य, 3 Govt Jobs छोड़कर बना IPS

कहते हैं लोगों ने चींटियों से भी प्रेरणा पाई है. इसीलिए जहां से कुछ सीखने को मिले सीख लेना चाहिए. फिर भले ही वो मनोरंजन के मकसद से देखी जाने वाली फिल्में ही क्यों नया हों. लोगों को पता होता है कि जो पर्दे पर दिख रहा है वो सब कल्पना है. लेकिन कुछ लोग होते हैं जो फिल्मों के किरदारों को खुद के जीवन से जोड़ कर देखते हैं. ऐसे में अच्छी या बुरी आदतें भी इन्हीं फिल्मों से सीखते हैं लोग. जैसे कि इस लड़के ने एक फिल्म से कुछ ऐसा सीखा कि खुद की जिंदगगई की दिशा तय कर ली. एक फिल्म ने इस साधारण से लड़के को IPS बना दिया.

ये कहानी है एक ऐसे लड़के की जिसने सनी देओल की एक फिल्म देखी और अपनी ज़िंदगी का लक्ष्य निर्धारित कर लिया. इस फिल्म को देखने के बाद इस लड़के पर IPS अधिकारी बनने का ऐसा जुनून सवार हुआ कि इसने एक या दो नहीं बल्कि तीन सरकारी नौकरियां छोड़ दीं और तभी चैन की सांस ली जब उसने अपना लक्ष्य पा लिया.

कौन हैं IPS मनोज रावत?

हम यहां बात कर रहे हैं राजस्थान के जयपुर के एक गांव श्यामपुरा के मनोज रावत की. मनोज आज IPS के पद पर तैनात हैं और उनकी इस सफलता में एक मुख्य भूमिका सनी देओल की भी है. एक सामान्य परिवार में जन्मे मनोज रावत के लिए पढ़ाई के बाद एक नौकरी जरूरी थी. यही वजह थी कि स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्हें मौका मिला तो वह मात्र 19 साल की उम्र में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हो गए.

छोड़ दीं 3 सरकारी नौकरियां

अपनी इस कांस्टेबल की नौकरी के साथ साथ मनोज पॉलिटिकल साइंस से एमए की पढ़ाई भी कर रहे थे. पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें कोर्ट में क्लर्क की नौकरी मिल गई जिस वजह से उन्होंने 2013 में कांस्टेबल की नौकरी छोड़ दी. इस नौकरी के बाद भी मनोज ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और कुछ समय बाद सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. सिविल सर्विस की तैयार करते हुए भी मनोज तिवारी को एक नई नौकरी मिली. ये नौकरी थी CISF की.

हालांकि मनोज ने ये नौकरी करने से इनकार कर दिया. दरअसल मनोज का लक्ष्य बड़ा था और वो अपने इस लक्ष्य के बीच में किसी अन्य सरकारी नौकरी को नहीं आने देना चाहते थे. यही वजह रही कि उन्होंने 3 नौकरियां छोड़ीं.

सनी देओल की वजह से लिया ये फैसला

किसी मध्यवर्गीय परिवार के लिए ये खबर निराशाजनक होगी कि उनके बेटे ने 3-3 नौकरियां छोड़ दी हैं. मनोज के परिवार के साथ ऐसा नहीं था. हालांकि अन्य लोगों ने मनोज के फैसले का विरोध किया मगर उनके माता पिता उनके फैसले के साथ खड़े रहे.

दरअसल ये सब सनी देओल की वजह से हो रहा था. बकौल मनोज वह सनी देओल के फैन थे और उनसे काफी इंस्पायर भी थे. मनोज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने जब सनी देओल की फिल्म ‘इंडियन’ देखी तो मन ह मन IPS बनने का निश्चय कर लिया. वह अपने इसी निश्चय पर डटे रहे और पूरे आत्मविश्वास के साथ मेहनत करते रहे.

आखिरकार वह समय आ ही गया जब 2017 में मनोज ने UPSC सिविल सर्विस का एग्जाम क्लियर करते हुए ऑल इडिया में 824वां रैंक प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने 35 मिनट लंबा इंटरव्यू दिया और IPS पद के लिए चुने गए.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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