धमतरी-भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की दिशा में कार्य करें युवा

कुरुद के खेल मेला मैदान में राष्ट्रीय युवा दिवस पर विद्यार्थियों के लिए आयोजित मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कथावाचिका व मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने छात्र-छात्राओं व युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के पास आध्यात्मिक, शारीरिक, बौद्धिक व भावनात्मक शक्ति का होना जरूरी है।

आध्यात्म हमें शक्तिशाली और सरल बनाने का काम करता है।

कथा वाचिका ने कहा किआज का दौर प्रतियोगिता का दौर है, जिसमें हर बच्चा युवा हर पल आगे बढ़ने की तरफ सोच रहा है। ऐसे में उसे तनावमुक्त रहकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आध्यात्म की आवश्यकता है

जिससे वह बिना अवसाद के सही रास्ते पर चल सके और कभी हार न मानें। आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने अतीत को जानकर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की दिशा में कार्य करें न कि अपने देश के खिलाफ बात करें।

हमारे यहां भगवान कृष्ण, राम की कहानियां मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती हैं। हम अपनी चीजों को छोड़कर बाहरी चीजों को अपना रहे हैं।

उन्होंने वर्तमान परिवेश में परोसी जा रही शिक्षा पर कहा कि आज की शिक्षा केवल पैसा कमाना सिखाती है। अच्छे इंसान बनाना नहीं ,हम नंबर कितना लाते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि हम सीख कितना रहे हैं।

अगर हम अंक की जगह सीख को ध्यान दें तो आज हर कोई हुनरमंद हो सकता है ।हमारे असली हीरो वही है जो देश व हमारे भविष्य के लिए काम कर गए लेकिन आज कल मां-बाप बच्चों को टीवी में आने वाले को ही हीरो बताते हैं जो हमारी संस्कृति व धर्म को खराब कर रहे हैं।

उन्होंने धर्म के बारे में बताया कि धर्म वही है जिसे धारण किया जा सके लेकिन लोग आजकल वर्णों में व्यक्ति का भेद कर धर्म के नाम पर लड़ाने का काम करते हैं। ऐसा करने वाले असल में वेदशास्त्र पढ़े ही नहीं होते। भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि असली धार्मिक तो वही थे जिन्होंने हर रूप में और शत प्रतिशत अपना जीवन दिया।

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