करणी सेना का आंदोलन समाप्त, 18 मांगों पर विचार के लिए सरकार ने कमेटी बनाई

बीते चार दिनों से चल रहा करणी सेना का आंदोलन बुधवार की शाम सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। करणी सेना के ज्ञापन में शामिल 22 मांगों में से 18 मांगों पर विचार के लिए राज्य शासन ने तीन अफसरों की कमेटी बनाई है। कमेटी के गठन का आदेश भी जारी कर दिया गया है।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया बुधवार की शाम धरना स्थल पर पहुंचे और अनशन कर रहे करणी सेना के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

सहकारिता मंत्री भदौरिया ने आंदोलनकारियों को राज्य शासन द्वारा मांगों पर विचार के लिए कमेटी के गठन का आदेश भी सौंपा। जिसके बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा की गई। राज्य शासन द्वारा करणी सेना की मांगों पर विचार के लिए गठित कमेटी में सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस को अध्यक्ष बनाया गया है।

इस कमेटी में स्कूल शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग के पीएस को सदस्य बनाया गया है। ये कमेटी दो महीने में इन 18 मांगों पर अपनी रिपोर्ट देगी।

करणी सेना की 4 प्रमुख मांगों आरक्षण का आधार आर्थिक किया जाने, एससी एसटी एक्ट में बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक लगाने, सामान्य-पिछड़ा एक्ट बनाने तथा रोजमर्रा की चीजों को जीएसटी से मुक्त करने पर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।

इसकी वजह यह है कि ये सभी मामले में केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार के हैं। जो 18 विषय राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में आते हैं, उन पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।

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