प्रेग्नेंसी के दौरान शुरू की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, पहले प्रयास में ही 217वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

प्रेग्नेंसी के दौरान शुरू की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, पहले प्रयास में ही 217वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

ज्यादातर महिलांए शादी के बाद अपना करियर त्याग देती हैं तो कई बच्चे होने के बाद अपनी घर-गृहस्थी में व्यस्त हो जाती है। अपने शोक और करियर को वक्त दे पाना प्रेग्नेंसी के बाद काफी मुश्किल होता है। लेकिन आज जिस आईपीएस अधिकारी की हम बात करने जा रहे है वे ना केवल यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मदीवारों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है ब्लकि अपने परिवार और बच्चों के लिए अपने सपने छोड़ देने वाली महिलाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा उधारण बनी है।

कौन है शहनाज इल्यास

शहनाज इल्यास तमिलनाडु की रहने वाली है और अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद शहनाज ने एक आईटी फर्म में तकरीबन 5 साल तक काम किया लेकिन वह अपनी जॉब से खुश नहीं थी क्योंकि वो हमेशा से समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहती थी। शहनाज ने कुछ महिने के लिए आईटी फर्म से प्रेगनेंसी लीव ली हुई थी। इस दौरान उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी करने का मन बनाया था और केवल दो महिने की तैयारी के अंतर उन्होंने इस परीक्षा को पास कर दिखाया।

तैयारी करने के बाद शहनाज ने अपनी प्रेगनेंजी के लास्ट स्टेज के समय पर तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की प्रिलिम्स परीक्षा दी और केवल दो महीनों की तैयारी के अंदर अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा को पास कर लिया. इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि वह यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम भी पास कर सकती है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती तो उनके साथ सबसे बड़ी समस्या ये थी कि उन्हें अपने बच्चे को भी संभालना था और यूपीएससी की तैयारी भी करनी थी. कठिनाईयों से भरा शहनाज का ये सफर काफी मुश्किल भरा था। शिशु के साथ-साथ देश के सबसे कठिन एग्जाम के लिए 8 से 10 घंटे निकालकर पढ़ाई करना काफी चुनौतीपूर्ण था।

माता – पिता ने किया पूरा सपोर्ट

प्रेगनेंजी के दौरान सिविल सेवा की तैयारी करने के मेरे फैसले को मेरे माता-पिता ने पूरा सपोर्ट किया। यहां तक की उनके पैरेन्ट्स ने बेबी का ख्याल रखने का भी निर्णय लिया ताकि उनकी बेटी अपने लक्षय की ओर ध्यान दे सकें। शहनाज ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस कठिन परीक्षा को पास करने के लिए आपको सही दिशा की जरूरत है।

तैयारी के दौरान आपको कई समझौते करने पड़ेगे। इसके लिए आपको मानसिक रूप से तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहा कि अपना एक शेड्यूल तैयार करें और उसे पूरे अनुशासन के साथ समय पर खत्म करें।

पहले प्रयास में क्लियर कर कायम की सफलता की मिसाल

सहनाज ने उन लाखों महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है जो शादी और बच्चे के बाद अपने को करियर को छोड़ देती है। इसके साथ ही पहले प्रयास में एग्जाम को क्लियर कर शहनाज उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकीं है जो इस परीक्षा को देने वाले हैं। बता दें सहनाज ने साल 2020 में ना केवल पहले अटेम्पट में सिविल सर्विस एग्जाम को क्रैक किया ब्लकि ऑल इंडिया रैंक 217 हासिल कर एक आईपीएस अफसर बनीं।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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