“IIT मुंबई के पूर्व छात्रों ने यूनिक ‘सब्जी कूलर’ बनाया, जो बिना किसी बिजली या ईंधन के चलता है”

किसानों की सबसे बड़ी परेशानी में से एक है, उन्हें उपज की सही कीमत न मिलना। इसके अतिरिक्त भी किसानों की बहुत सी समस्या हैं, जैसे मिट्टी में उर्वरकता की कमी, बेमौसम बरसात होना, पानी की कमी, फसलों पर लगने वाले कीड़े और कटाई के बाद सही भंडारण के संसाधन न मिल पाने से उपज की बर्बादी हो जाती है।

ये कुछ ऐसी समस्या हैं, जिनसे इन्हें हर दिन रात गुजरना पड़ता है। भंडारण के उचित संसाधन भी न होना भी किसानों के लिए बहुत बड़ी परेशानी है। अधिकतर देखा गया है कि सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए, यह एक बहुत बड़ी समस्या है। अगर किसानों की सब्जियां, कटाई वाले दिन न बिकें तो ये खराब होने लगती हैं।

हरी साग सब्जी जैसी फसल अपने खेतों में उगाने वाले किसानों के लिए उनकी सब्जियों का रखरखाव और भंडारण सबसे प्रमुख परेशानी होती है और इसके चलते उन्हें अधिक घाटा भी उठाना पड़ता है। हालांकि अब किसानों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए आईआईटी के कुछ पूर्व छात्रों (IIT Bombay alumni’s) ने एक बड़ा ही अनूठा और किफायती ‘सब्जी कूलर’ (Sabzi Cooler) डिज़ाइन किया है।

आईआईटी मुंबई के पूर्व स्टूडेंट्स (IIT Mumbai Ex Students) द्वारा बनाया गया ये खास सब्जी कूलर (Vegetable Cooler) बिना बिजली या किसी अन्य ईधन से चलने में सक्षम है और इसकी सहयता से किसान करीब एक हफ्ते तक अपनी सब्जियों को ताजा रख सकते हैं। जिससे उनको नुकसान कम होगा।

किसानों की आय को बढ़ाने के लिए विकास झा अपने साथी सरयू कुलकर्णी और गुणवंत नेहटे के साथ मिलकर अपने एग्रीटेक स्टार्टअप (Agritech Startup) के माध्यम से हर सम्भव प्रयास कर रहे है। अपनी इसी कोशिश को केंद्र में रखते हुए तीनों ने इस खास सब्जी कूलर को डिज़ाइन किया है। ठाणे आधारित स्टार्टअप रूकार्ट टेक्नालजी ने इस सब्जी कूलर को तैयार किया है।

किसानों को मिली मदद

आपदा के चलते देशव्यापी लॉकडाउन होने के कारण किसानों के सामने उनकी फसल का भंडारण को लेकर एक बड़ी परेशानी उतपन्न हो गई थी, क्योंकि वे हरी सब्जियों को अब पहले के जैसे प्रतिदिन आसानी से बाज़ार तक पहुचने में असफल हो रहे थे।

ऐसे में सब्जी कूलर का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी हरी सब्जियों को बर्बाद होने से बचाने का काम किया है। जिससे उन्हें बड़ा घाटा होने से बचने में सहयता मिली। सब्जी कूलर की खासियत ये है कि इसमें दिन में कम से कम एक बार पानी की आवश्यकता होती है और फिर ये मिट्टी के बर्तन की तरह काम करते हुए अंदर जरूरी ठंडक बनाए रखने का काम करता है।

किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप ने सब्जी कूलर को विभिन्न आकार में डिज़ाइन किया है। यह सब्जी कूलर छोटे किसानों से लेकर सभी स्तर के किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हुये हैं। सब्जी कूलर का उपयोग कर बड़े किसान भी कोल्ड स्टोरेज के खर्च से बड़ी आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

कैसे आया इसको बनाने का विचार

मीडिया से बातचीत के दौरान स्टार्टअप के सह-संस्थापकों ने बताया है कि वे अपने कॉलेज के दौरान गांवों का दौरा किया करते थे और तभी उन्होंने इस बात को समझा कि किसान ज्यादा मुनाफा क्यो नही कमा पाते है। किस तरह किसान भंडारण और रखरखाव की समस्या के चलते अपनी फसल की उपज के एवज में पर्याप्त मुनाफा नहीं कमा पा रहे हैं।

यही से आईडिया लेकर तीनों ने सब्जी कूलर पर काम करना स्टार्ट कर दिया था। हम उस समस्या का हल ढूंढना शुरू कर दिये। हम सभी दोस्तों ने मिलकर सब्जी कूलर के कांसेप्ट पर काम किया।

कैसे काम करती है यह मशीन

जानकारी के मुताबिक टीम में काम कर रहे ऋषभ बताते हैं कि फिलहाल हमारे पास दो प्रकार की मशीन है। पहली मशीन सीमेंटेड मॉडल पर डिज़ाइन की है जबकि दूसरी मशीन प्लग एंड प्ले मॉडल पर डिज़ाइन की है।

सीमेंटेड मॉडल को लगाने के लिए हम ऐसे स्थान को खोज करते हैं, जंहा हवा आती हो, हवादार हो और जहां धूप नहीं आती हो। इसके लिए हम स्क्वायर शेप में एक सीमेंट की वॉल डिज़ाइन करते हैं। जिसके अंदर इंसुलेटर मटेरियल और नाइट्रोजन बॉल लगा होता है।

इसके अंदर पानी के लिए चारों तरफ जगह बनी होती है। जबकि दूसरी मशीन के लिए सीमेंट की वॉल बनाने की आवश्यकता नहीं है, वह पहले से ही पूरी तरह डिज़ाइन होती है। इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक बिना किसी दिक्कत के ले जाया जा सकता है।

काम करने की प्रकिया को लेकर बताते है कि जो सब्जी को ताजा रखना है, उसको सबसे पहले बॉक्स के अंदर रख दी जाती है। इसके बाद उसमें पानी भर दिया जाता है। यह कूलर इवैपोरेशन टेक्नोलॉजी (Cooler Evaporation Technology) पर कार्य करता है।

यह बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोकता है और अंदर की सब्जी की गर्मी को बाहर पहुंचाने में मदद करता है। जिससे सब्जी का आवश्यक तापमान मेंटेन रहता है। इस प्रकिया में हर दिन 20 लीटर पानी की खपत होती है।

किसानों को हुआ मुनाफा

जानकारों से मिली खबर के आधार पर संस्थापकों का दावा है कि भंडारण के लिए सब्जी कूलर की हेल्प लेने वाले किसानों को पहले से करीब 30 प्रतिशत तक अधिक मुनाफा मिल रहा है। सब्जी कूलर के अंदर 5 से 20 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम हो सकता है, जिससे सब्जियाँ 4 से 6 दिन तक फ्रेश बनी रह सकती हैं।

स्टार्टअप ने उड़ीसा राज्य में 100 से भी ज्यादा सब्जी कूलर लगाए हैं। स्टार्टअप की ओर से इस सब्जी कूलर को किसानों को कम रुपये के साथ किश्तों पर भी देने की बात कही जा रही है। जिससे हर किसान को इससे फायदा हो सके। उनको अपनी सब्जी के लिए उनकी कीमत से अधिक पैसा मिल सके।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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