कुली के इस बेटे ने इडली-डोसा बेचकर खड़ी कर दी 100 करोड़ की कम्पनी, 1100 लोगों को नौकरी भी दिया

भारत में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। हमारे देश में युवा वर्ग बेरोजगारी के चलते आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। अच्छे-अच्छे डिग्री प्राप्त कर नौकरी की तलाश में दर-दर ठोकरें खा रहे है। अब बेरोजगारी के कारण ऐसा समय आ गया है कि लोग अच्छे से पढ़ाई करने बावजूद भी नौकरी के बजाय बिजनेस करना पसंद कर रहे करते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण नौकरी न मिलना। आज हम बात करेंगे, एक ऐसे ही शख्स की, जिनके पिता एक कुली का काम करते थे और आज के समय में उस लड़के ने अपने मेहनत के बदौलत ऐसा मुकाम हासिल किया है कि वह आज के समय में करोड़ों के मालिक हैं तथा 1100 लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है।

कौन है वह शख्स ?

हम बात कर रहे हैं, केरल (Kerala) के एक छोटे से गांव में रहने वाले पीसी मुस्तफा (PC Mustafa) की। उनकी कहानी बहुत संघर्ष भरी है। उनके पिता कुली का काम करके अपने परिवार का खर्च उठाते थे। अपने संघर्ष के बदौलत पीसी मुस्तफा आज के समय में 400 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं।

पीसी मुस्तफा (PC Mustafa) केरल (Kerala) के एक बहुत पीछरे गाँव से ताल्लुक रखते थे। एक बातचीत के दौरान उन्होंने अपने संघर्ष के बारे में बताया कि, उनके गांव में पहले न बिजली थी और न ही सड़क। गाँव के लोग सफर के दौरान पैदल चला करते थे। उनके घर के लोग कई किलोमीटर तक पैदल चलकर उन्हें स्कूल पहुंचाते थे। उनके पिता अहमद चौथी तक ही पढ़े हैं तथा वो एक कॉफी मिल में कुली का काम करते थे। मुस्तफा घर में सबसे बड़े हैं और परिवार में उनकी तीन छोटी बहनें हैं।

छठीं क्लास में फ़ेल होने के बावजूद भी चढ़ी सफलता की सीढ़ी

घर में पढ़े-लिखे सदस्य नहीं होने के कारण मुस्तफा (PC Mustafa)का मन पढ़ाई में नही लगता था। वे पढ़ाई के दौरान एक बार छठीं क्लास में फ़ेल हो गए थे। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के समय उनकी मैथ्स अच्छी थी। काफी मेहनत के बदौलत इसके बाद उन्होंने 7वीं क्लास में फर्स्ट पोजीशन लाया। तब उनकी सफलता से सभी हैरान थे, इसके बाद उन्होंने प्रयास जारी रखा और 10वीं क्लास में उन्होंने पूरे स्कूल में टॉप किया। इसके बाद इन्होंने पूरी अच्छे तरीके से पढ़ाई करने को ठान लिया और नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी में कंप्‍यूटर साइंस में दाखिला ले लिया और उसके बाद खूब मेहनत किया। इस मेहनत का परिणाम यह मिला कि एक कूली के बेटे को अमेरिका के एक भारतीय स्‍टार्टअप मैनहैट्टन एसोसिएट्स में नौकरी मिल गई। लेकिन यह जॉब उनके मन मुताबिक नही था, इसलिए वर्ष 2003 में वो भारत लौट आये। भारत आने के बाद उनके दिमाग मे चचेरे भाई का दिया हुआ आईडिया याद आया, जो उन्होंने (चचेरे भाई) मुस्तफा को पढ़ाई के दौरान ही दिया था। इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि अब बिज़नेस करना है।

कंपनी का नाम रखा ‘ID FRESH’

पढ़ाई के दौरान ही मुस्तफा (PC Mustafa)के एक कजिन शमसुद्दीन ने उन्हें डोसा बैटर की कंपनी शुरू करने का आइडिया दिया था लेकिन जब मुस्तफा अपने पांच भाइयों के साथ 25 हजार रुपए से एक कंपनी की शुरुआत की। मुस्तफा ने इस कंपनी का नाम ID FRESH रखा। जिसमे इडली डोसा बनाने के लिए जरूरी मिश्रण को बेचा जाता है। मुस्तफा सबसे पहले सिर्फ दस पैकेट बैटर ही बनाते और बेचते थे। धीरे-धीरे ये बहुत फेमस हो गए और उन्हें कई कॉन्ट्रैक्ट मिल गए। अब यह प्रोडक्ट कई शहरों और देशों में सप्लाई किया जाता है। अक्टूबर 2015 में इस कंपनी ने 100 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

10 पैकेट से 50,000 पैकेट तक का सफर

आज के समय में मुस्तफा (PC Mustafa) की कंपनी ‘ID FRESH’ में लगभग 1100 कर्मचारी काम करते है। अपने कारोबार के शुरूआत में मुस्तफा एक दिन में 10 पैकेट बेचते थे और आज के समय में उनकी कंपनी रोज के 50000 पैकेट तक सेल करती है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!