16 की उम्र में सुनने की क्षमता खोई परीक्षा के दिन बुखार से तप रहा था शरीर अब बनीं IAS

UPSC एग्जाम को देश की सबसे कठिन परीक्षा में गिना जाता है। मगर अपनी लगन और मेहनत से बहुत आवेदक इस परीक्षा को पास करते हैं। कड़ी मेहनत और लगन के साथ इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके आईएएस का पद हासिल करते हैं। इस एग्जाम में पास होने के साथ-साथ ख़ुद पर एक विश्वास होना भी बेहद ज़रूरी है क्योंकि यह देश की सबसे कठिन परीक्षा में गिनी जाती है इसलिए कई आवेदक या परीक्षार्थी इसमें पहले, दूसरे तीसरे प्रयास में भी सफलता नहीं पाते हैं।.

और कई बार तो कई परीक्षार्थी पहले और दो बार में ही असफलता पाने के कारण वे यह सोचते हैं कि वह इस परीक्षा को अब पास नहीं कर पाएंगे। इसलिए वह आगे प्रयास करते ही नहीं है परंतु साल 2017 में IAS बनी सौम्या शर्मा की कहानी आपको एक मिसाल के तौर पर आपके अंदर स्वयं के प्रति विश्वास लाएगी। सौम्या ने 103 डिग्री बुखार से पीड़ित होते हुए भी उन्होंने IAS की परीक्षा दी और उसमें वह पास भी हुई। अब आपको सौम्या शर्मा के IAS बनने तक की संघर्षमय कहानी बताते हैं।

सौम्या शर्मा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली है। उनके माता और पिता पेशे से डॉक्टर है। 16 साल की उम्र में सौम्या ने सुनने की क्षमता खो दी थी। सौम्या सुनने के लिए कान की मशीन का इस्तेमाल करती है। 23 साल की उम्र में UPSC परीक्षा को पास किया था। सौम्या ने वर्ष 2017 में दिल्ली के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से L LB की पढ़ाई पूरी की है। साल 2017 से ही सौम्या ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी और उसी साल में उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा भी दी।

सौम्या ने हमें यह भी बताया कि सुनने की क्षमता ना होने के कारण उन्हें विकलांग श्रेणी में रखा गया था परंतु उन्होंने इस श्रेणी से बाहर निकल सामान्य श्रेणी के आवेदक के तौर पर परीक्षा में भाग लेने का फ़ैसला लिया। उन्होंने बिना किसी कोचिंग की सहायता तथा स्वयं की लगन और मेहनत के द्वारा UPSC प्रीलिम्स और मेन्स दोनों की परीक्षाओं को पास किया। UPSC परीक्षा की तैयारी के दौरान सौम्या की तबीयत इतनी खराब थी।

कि उन्हें दिन में दो या तीन बार ड्रिप चढ़ाई जाती थी। मेन्स परीक्षा के दिनों में सौम्या को 102 बुखार था जो कभी-कभी 103 भी पहुंचा पर कम होने का नाम ही नहीं लेता था। परंतु सौम्या का साहस इतना मज़बूत है कि उनके सामने उनकी इस लाचारी का भार फीका पड़ गया और उन्होंने अपनी मेहनत और विश्वास के साथ इस परीक्षा को पास किया। सौम्या ने साल 2017 में UPSC परीक्षा को प्रथम प्रयास में पास कर लिया था।

और उन्हें देश भर में 9 वी रैंक हासिल हुई थी। सौम्या की कड़ी मेहनत और उनका स्वयं पर विश्वास आख़िर रंग लाया और उन्हें देश का सबसे ऊंचा और सर्वश्रेष्ठ IAS का पद हासिल हुआ। सौम्या की इस कहानी से हमें यह सीख लेनी चाहिए कि स्वयं पर विश्वास और कड़ी मेहनत के साथ हम किसी भी कठिन एग्जाम को पास कर सकते हैं।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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