वो मेहनती लड़की, जो विदेश की नौकरी ठुकरा कर पहले IPS बनी, फिर IAS बन पेश की मिसाल

नई दिल्ली: यूपीएससी एग्जाम में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं, लेकिन कुछ हजार अभ्यर्थियों को ही सफलता मिल पाती है. हालांकि कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जो अपनी सफलता से नई मिसाल लिख देते हैं. ऐसी ही कहानी 2019 बैच की आईएएस अफसर गरिमा अग्रवाल की है, जो अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनी और दूसरे प्रयास में आईएएस बनने के लक्ष्य को पूरा किया.

10वीं में 92 और 12वीं में 89 प्रतिशत नंबर

मध्यप्रदेश के खरगोन की रहने वाली गरिमा अग्रवाल शुरू से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थीं. गरिमा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई खरगोन के ही सरस्वती विद्या मंदिर से की और 10वीं में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. इसके बाद 12वीं में भी वह 89 प्रतिशत नंबर लाने में सफल रहीं.

इंजीनियरिंग के बाद जर्मनी में इंटर्नशिप

12वीं के बाद गरिमा अग्रवाल ने जेईई एग्जाम में सफलता हासिल की और आईआईटी हैदराबाद में एडमिशन लिया. आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद गरिमा ने जर्मनी में इंटर्नशिप की, लेकिन उन्होंने विदेश में नौकरी नहीं की और देश आकर यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया.

पहले प्रयास में ही बनीं IPS अफसर

जर्मनी से वापस लौटकर गरिमा अग्रवाल ने यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी और करीब डेढ़ साल तैयारी करने के बाद परीक्षा दी. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में साल 2017 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 240वीं रैंक हासिल की और आईपीएस के लिए चुनी गईं.

IPS के बाद ऐसे तय किया IAS का सफर

IPS बनने के बाद भी गरिमा अग्रवाल  संतुष्ट नहीं हुईं और यूपीएससी एग्जाम की तैयारी जारी रखी. हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग के साथ ही पढ़ाई भी करती रहीं. अगले ही साल 2018 उन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी और अपने दूसरे ही प्रयास में 40वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया.

तेलंगाना में पोस्टेड हैं गरिमा

गरिमा अग्रवाल ने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से साल 2019-2020 में अपनी ट्रेनिंग पूरी की. वर्तमान में गरिमा अग्रवाल तेलंगाना में सहायक जिला मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं.

गरिमा ने कैसे की यूपीएससी एग्जाम की तैयारी

डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, गरिमा अग्रवाल ने बताया कि यूपीएससी एग्जाम की तैयारी के लिए उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा , मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी एक साथ ना करके अलग-अलग की. उन्होंने बताया कि केवल स्टडी मेटेरियल जमा करने से सफलता नहीं मिलती है, बल्कि रिवीजन करना पड़ता है. इसके साथ ही आंसर लिखने की स्पीड बढ़ाना और मॉक टेस्ट देना भी जरूरी है.

प्री-एग्जाम, मेन और इंटरव्यू को अलग-अलग टारगेट

गरिमा अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले प्री-एग्जाम को टारगेट किया. हालांकि इसके साथ ही मेन्स एग्जाम की तैयारी भी की, क्योंकि इसके लिए बाद में टाइम नहीं मिलता है. मॉक टेस्ट के लिए अपने रिवीजन को चेक करते रहना जरूरी है. यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को टिप्स देते हुए गरिमा ने कहा, ‘इस परीक्षा को पास करने के लिए सबसे जरूरी चीज ‘धैर्य और निरंतरता’ है. तैयारी के दौरान उन लोगों के संपर्क में रहें जिनसे आपको प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. इसके साथ ही नकारात्मक विचार वाले लोगों से दूर रहना ही बेहतर है. असफलता या सफलता दोनों ही हमारे दिमाग में होती है. अगर हम ठान लें तो कुछ भी हासिल कर सकते हैं.’

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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