Budget के इतिहास में 26 वित्‍त मंत्रियों ने संसद में पेश किया आम बजट, यहां जानें ऐसे कुछ अनसुने तथ्य

History of Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार 1 फरवरी को बजट 2023 को पेश करने जा रही हैं। वे देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं। निर्मला सीतारमण से पहले देश में कुल 27 वित्‍तमंत्रियों ने कार्यभार संभाला है, इनमें से 26 वित्‍त मंत्रियों ने संसद में आम बजट पेश किया है। अगर बजट पेश करने की बात करें तो इसमें सबसे आगे पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का नाम आता है। मोरारजी देसाई द्वारा रिकार्ड 10 बार बजट प्रस्तुत किया गया। ऐसे ही कुछ अनसुने तथ्य आज की स्टोरी में जानने की कोशिश करेंगे। साथ ही इस बात के बारे में भी जानकारी लेंगे, जिसमें ये पता चल सके कि अब तक भारत का बजट किन वित्त मंत्रियों के हाथ से पेश हो चुका है। आइए शुरुआत करते हैं।

बता दें, बजट अगले एक वर्ष के लिए सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्‍वयन का भी विस्‍तृत ब्‍यौरा होता है। बजट की इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय वित्‍त मंत्री की प्रमुख भूमिका होती है। यही कारण है कि आजादी के बाद से अब तक विभिन्‍न सरकारों द्वारा पेश किए गए बजटों में वित्‍त मंत्री की आर्थिक समझ और देश की उन्‍नति के प्रति उनका नजरिया साफ झलकता दिखाई दिया है। आइए जानते हैं उन सभी 25 वित्‍तमंत्रियों के बारे में जिन्‍हें देश का आम बजट पेश करने का मौका मिला है।

लियाकत अली खान – 29 अक्टूबर 1946 से 14 अगस्त 1947 तक
आर के शंमुगम चेट्टी – 15 अगस्त 1947 से 1949 तक
जॉन मथाई – 1949 से 1950 तक
सी डी देखमुख – 1950 से 1957 तक
टी टी कृष्णमाचारी – 1957 से 13 फरवरी 1958 तक
जवाहर लाल नेहरू – 13 फरवरी 1958 से 13 मार्च 1958 तक
मोरारजी देसाई – 13 मार्च 1958 से 29 अगस्त 1963 तक
टी टी कृष्णमाचारी – 29 अगस्त 1963 से साल 1965 तक
सचिंद्रा चौधरी – 1965 से 13 मार्च 1967 तक
मोरारजी देसाई – 13 मार्च 1967 से 16 जुलाई 1969 तक
इंदिरा गांधी – 1970 से 1971 तक
यशवंतराव चव्हाण – 1971 से 1975 तक
चिदंबरम सुब्रह्मण्यम – 1975 से 1977 तक
हरिभाई एम पटेल – 24 मार्च 1977 से 24 जनवरी 1979 तक
चौधरी चरण सिंह – 24 जनवरी 1979 से 28 जुलाई 1979 तक
हेमवती नंदन बहुगुणा – 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक
आर वेंकटरमण – 14 जनवरी 1980 से 15 जनवरी 1982 तक
प्रणब मुखर्जी – 15 जनवरी 1982 से 31 दिसंबर 1984 तक
वी पी सिंह – 31 दिसंबर 1984 से 24 जनवरी 1987 तक
राजीव गांधी – 24 जनवरी 1987 से 25 जुलाई 1987 तक
एन डी तिवारी – 25 जुलाई 1987 से 25 जून 1988 तक
शंकरराव चव्हाण – 25 जून 1988 से 2 दिसंबर 1989 तक
मधु दंडवते – 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक
यशवंत सिन्हा – 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक
मनमोहन सिंह – 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक
जसवंत सिंह – 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक
पी चिदंबरम – एक जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक
आई के गुजराल – 21 अप्रैल 1997 से 1 मई 1997 तक
पी चिदंबरम – 1 मई 1997 से 19 मार्च 1998 तक
यशवंत सिन्हा – 19 मार्च 1998 से 1 जुलाई 2002 तक
जसवंत सिंह – 1 जुलाई 2002 से 22 मई 2004 तक
पी चिदंबरम – 22 मई 2004 से 30 नवंबर 2008 तक
मनमोहन सिंह – 30 नवंबर 2008 से 24 जनवरी 2009 तक
प्रणब मुखर्जी – 24 जनवरी 2009 से 26 जून 2012 तक
मनमोहन सिंह – 26 जून 2012 से 31 जुलाई 2012 तक
पी चिदंबरम – 31 जुलाई 2012 से 2014 तक
अरुण जेटली – 26 मई 2014 से 2018 तक
पीयूष गोयल – 2018 से 2019 तक

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