लिपस्टिक का आविष्कार कैसे हुआ था? इसे वेश्याओं से जोड़कर क्यों देखा जाता है? जानिए

लिपस्टिक का आविष्कार कैसे हुआ था? इसे वेश्याओं से जोड़कर क्यों देखा जाता है? जानिए

‘लिपस्टिक’ एक ऐसी चीज है जिसे लगभग हर महिला लगाना पसंद करती है। दुनिया के हर देश में महिलाएं इसे लगाती हैं। अमेरिका में तो 75% महिलाएं ऐसी हैं जो एक साल में अपने वजन के बराबर लिपस्टिक लगा लेती हैं। ऐसे में क्या आप ने कभी ये सोचा है कि लिपस्टिक लगाने का चलन आखिर कब और कैसे शुरू हुआ? आईए जानते हैं।

आज से लगभग 500 साल पहले मैसापोटामिया की महिलाएं अधर श्रंगार करती थी जिसे उस जमाने की लिपस्टिक माना जाता है। मैसापोटामिया महिलाओं के लिए उनकी सुंदरता प्रतिष्ठा का प्रतीक भी होती थी। ऐसे में वे बहुमूल्य रत्नों जैसे हीरा सोना चांदी की डस्ट (धूल) से अपने होठों को सजाती थी।

वहीं अन्य देश में महिलाएं इसके सस्ते विकल्प के रूप में फल और फूलों के रंग से अपने होठों का श्रंगार किया करती थी। बाजार में सबसे पहली लिपस्टिक फ्रांसीसी परफ्यूम बनाने वाली कंपनी गुरलेन ने बनाई थी। वहीं अरब वैज्ञानिक अबुलकासिस ने 9वीं ईसवी में पहली ठोस लिपस्टिक बनाई थी।

पहली व्यावसायिक लिपस्टिक का आविष्कार 1884 में हुआ था। इसे फ्रांस में इत्र बनाने वाली कंपनियों ने बनाया था। ये लिपस्टिक रेशम के कागज में बंद होती थी। इसे हिरण के तेल, अरंडी के तेल और मधुमक्खियों के वैक्स से बनाया जाता था।

जब भी लिपस्टिक की बात चलती है तो दिमाग में सबसे पहले लाल रंग ही आता है। ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि लाल रंग की लिपस्टिक इतनी पॉपुलर क्यों है? चलिए आज हम इस राज पर से भी पर्दा उठा देते हैं। दरअसल दुनिया की दो सबसे विशिष्ट महिलाएं मर्लिन मुनरो औऱ एलिजाबेथ टेलर अक्सर लाल रंग की लिपस्टिक ही लगाती थी। ऐसे में बोल्ड रेड लिपस्टिक काफी लोकप्रिय हो गई।

फिर 1952 में रानी एलिजाबेथ II ने अपना स्वयं का एक नया शेड्स बनाया था जिसे ‘बालमोरल’ नाम दिया गया। दुनिया की सबसे महंगी लिपस्टिक 62,000 डॉलर यानि 4,261,570 रुपये की आती है। इसे 199 हीरे और 110 ग्राम सोने से बनाया गया है। इसे गुएरलेन कंपनी ने बनाया है जिसका नाम किस गोल्ड और डायमंड लिपस्टिक है।

कई लोग डार्क रंग की लिपस्टिक को वेश्यावृत्ति से भी जोड़कर देखते हैं। दरअसल ग्रीक साम्राज्य में एक कानून बना था जिसके तहत वेश्याओं को को गहरे रंग की लिपस्टिक लगाने के लिए फोर्स किया जाता था। यदि कोई वेश्या लिपस्टिक नहीं लगाती तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जता। धीरे धीरे अन्य देशों में भी डार्क रंग की लिपस्टिक को वेश्यावृत्ति विशेष माना जाने लगा।

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