जयपुर की फेमस दूकान गुलाब जी की चाय गरीबों को फ्री में चाय पिलाती है, 1947 में ऐसे हुई थी शुरुआत

चाय का महत्‍व हम भारतीयों के जीवन में क्‍या है, यह हमें बताने कि जरूरत नहीं है। लगभग हमारे देश के हर घर में सुबह की शुरूआत गरम गरम चाय से होती है। चाय के बिना सुबह कि शुरूआत हो, तो हमारा मन किसी भी काम में नहीं लगता।

चाहे हमें सुबह सुबह जगाने के लिए हो या फिर दोपहर कि थकान मिटाने में चाय का रोल सबसे अहम माना जाता है। वैसे तो हमारे देश में चाय का चलन इतना अधिक है, कि हर मोहल्‍ले और नुक्‍कड़ में हमें चाय का ठेला देखने मिल जाता है।

लेकिन कभी कभी कुछ दुकाने ऐसे होती है, जिनकी एक अलग ही पहचान होती है। हर शहर या फिर गॉंव में एक चाय की दुकान जरूर फैमस होती है। जिस दुकान में लोग कोने कोने से आते है। ऐसी ही एक चाय की दुकान जयपुर में है।

जयपुर जोकि राजस्‍थान राज्‍य का शहर है, वहा पर एक चाय वाले की दुकान में हर दिन इतनी भीड़ होती है कि लोगों को चाय पीने के लिए कतार लगानी पड़ती है़। कौन है इस चाय की दुकान का मालिक आइये जानते है।

1947 मे खोली गई थी प्रसिद्ध गुलाब जी की चाय की दुकान

हम जिस फैमस चाय कि दुकान की बात कर रहे है वह आज से 75 साल पुरानी दुकान है। यह दुकान 1947 में खोली गई थी। 1947 में हमारा देश आजाद हुआ था। इसी समय जयपुर शहर में एक व्‍यक्‍ति जिनका नाम गुलाब जी है, उन्‍होंने जयपुर शहर के एम आई रोड पर चाय की एक दुकान  खोली थी।

इस दुकान को लोग ‘गुलाब जी चाय वाले’ के नाम से जानते है। यह चाय कि दुकान आज इतनी फैमस है, कि माना जाता है कि अगर कोई जयपुर शहर घूमने गया हो और यहा कि चाय ना पिये तो उसकी ट्रिप अधूरी होती है।

गुलाब जी की चाय कि दुकान में हर उम्र का व्‍यक्‍ति चुस्किया लेने आता है। गुलाब जी कि चाय कि दुकान इतनी अधिक प्रसिद्ध है, कि केवल आम लोग ही नहीं बड़े बड़े राजघराने के लोगों से लेकर फिल्‍मी दुनिया के कई सितारे भी उनकी दुकान में चाय पीने आते है।

घर वालों को पसंद नही था चाय की दुकान चलाना

गुलाब जी कहते है, कि उन्‍हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि उनकी दुकान इतनी अधिक प्रसिद्ध हो जायेगी। वह कहते है, कि उन्‍होंने 1947 में अपना खर्चा चलाने के लिए एक छोटी सी चाय की दुकान खोली थी। वह कहते है, कि उस समय उन्‍हे इस दूकान को बनाने में 130 रूपये की लागत आई थी।

गुलाब जी कहते है, कि जब उन्‍होंने यह दुकान चलानी शुरू कि तो उन्‍हें कई तरह की परेशानियों से जूझना करना पड़ा था। उनके घर वालों को उनका चाय की दुकान चलाना बिल्‍कुल भी पसंद नहीं था। क्‍योंकि गुलाव जी एक राजपूत परिवार से ताल्‍लुक रखते है।

उनके परिवार में इस तरह सड़क किनारे राजपूत लड़के द्वारा चाय बेचना बिलकुल रास नहीं आया। लेकिेन आज गुलाब जी की चाय (Gulab Ji Ki Chai) राजस्‍थान के शहर जयपुर की शान बन गई है। जयपुर में गुलाब जी की चाय का नाम एक ब्रैंड की तरह लिया जाता है।

स्‍पेशल मसाला चाय की कीमत है 20 रूपये

गुलाब जी की चाय का स्‍वाद इतना अच्‍छा होता है कि जो भी व्यक्ति एक बार उनकी दुकान में आता है, वह बार बार उनकी दुकान में आता है। गुलाब जी की चाय की छोटी सी दुकान में एक स्‍पेशल मशाला वाली चाय मिलती है।

इस चाय की कीमत 20 रूपये है, हालांकि यह कीमत बाजार में मिलने वाली आम चाय के मुकाबले थोड़ी ज्‍यादा है। लेकिन इनकी 20 रूपये की चाय पीकर लोगों का मन भर जाता है। इनकी दुकान में आने वाला हर ट्रेवल ब्‍लोगर या फिर फूड ब्‍लोगर इनकी दुकान की तारीफ करते नहीं थकते। हर किसी ने इनकी कहानी को सोशल मीडिया पर दिखाया है। हर कस्‍टमर इनकी चाय को सबसे बेहतरीन बताता है।

जैसे हमारे जिले में गुलाब जी चाय वाले हैं आप बताओ आपके यहां क्या है

गुलाब जी जिस मसाला चाय की वजह से फैमस है, वह उसे मसाला चाय में कौन मसाला डालते है, उसके बारे में आज तक किसी को नहीं पता चल पाया है। उस मसाले के बारे में केवल गुलाब जी को ही मालूम है। लोग कहते है, कि उनकी मसाला चाय में जादू है। गुलाब जी हमेशा से शुद्ध दूध में ही चाय बनाते है। उनकी चाय रेसिपी के बारे में सिर्फ और सिर्फ उन्‍हें ही मालूम है।<

हर रोज 250 लोगों को पिलाते है फ्री में चाय

गुलाब जी एक नेक इंसान है। इतनी प्रसिद्धि के बाद भी उनकी इंसानियत खतम नहीं हुई। वह आज भी 200 से लेकर 250 गरीब लोगों को चाय फ्री (Free Tea) में पिलाते है। गुलाब जी इन गरीब लोगों को आज से ही नहीं, बल्‍कि कई सालों से चाय पिलाते आ रहे है।

गुलाब जी चाय वाले

गुलाब जी बताते है, कि जबसे उनकी दुकान खुली है, तबसे वह हर रोज 200 से लेकर 250 लोगों को बिना पैसे लिए चाय पिलाते है। चाय के साथ वह गरीब लोगो को फ्री में बन मस्‍का भी देते है। रोज सुबह 6 बजे से उनकी दुकान में 200 से 250 गरीब लोग लाइन लगाकर खड़े हो जाते है।

जयपुर के प्रसिद्ध गुलाब जी चाय वाले श्री गुलाब जी धीरावत का आज देहान्त हो गया है वे पिछले 50 वर्ष से बड़ी ही आत्मीयता से चाय पिलाते थे, और इसी कारण ‘गुलाब जी चाय वाले’ ये नाम देश विदेश में प्रचलित हो गया था।

गरीब लोग कहते है, कि उनकी दिन की शुरूआत गुलाब जी की चाय के बगैर नहीं हो सकती। गुलाब जी कहते है, कि गरीबों को चाय पिलाना उनकी दुकान की वर्षो की परंपरा है, जोकि कभी बंद नहीं होगी।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok mantra से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है.]

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