खुद के 5 बच्चे हैं, फिर भी इस बुजुर्ग ने जिलाधिकारी के नाम कर दी 2 करोड़ रुपए की संपत्ति

इंसान उम्र भर अपने बाल बच्चों के लिए कमाता है. अधिकतर लोगों की ये सोच होती है कि जब उसके बच्चे बड़े हों तो उन्हें वो इतनी संपत्ति दे कि उन्हें भविष्य में किसी तरह की कोई तकलीफ ना हो लेकिन आगरा में एक पिता ने कुछ अलग ही कर दिया है. जिसके बाद से उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है. इस बुजुर्ग पिता ने अपनी सारी संपत्ति अपने बेटों को ना दे कर इलाके के डीएम के नाम कर दी है.

दो करोड़ की संपत्ति कर दी डीएम के नाम

जी हां, ये हैरान कर देने वाला मामला आगरा का है. जहां एक बुजुर्ग शख्स ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी डीएम के नाम कर दी है. बुजुर्ग ने अपने इस फैसले को लेकर अपनी वसीयत तैयार की और इसकी एक कॉपी आगरा सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी है. ऐसा कठोर कदम उठाने के पीछे बड़ी वजह है, जिस बारे में बुजुर्ग का कहना है कि उनके बेटे उनकी सही से देखभाल नहीं करते जिस वजह से वह परेशान हैं. यही वजह है कि वह अपनी संपत्ति अपने बेटों को नहीं देना चाहते. बता दें कि बुजुर्ग की कुल संपत्ति लगभग दो करोड़ रुपये की है.

भाइयों के साथ मिल कर बनाया था मकान

बुजुर्ग का नाम गणेश शंकर पांडेय बताया जा रहा है. वह अपने भाइयों के साथ रहते हैं. 1983 में गणेश पांडेय ने अपने भाइयों नरेश शंकर पांडे, रघुनाथ और अजय शंकर के साथ मिलकर एक जमीन खरीदी और उस पर घर बनवाया. समय के साथ इस संपत्ति का बंटवारा हुआ जिसमें गणेश शंकर एक चौथाई मकान के मालिक बने. इसकी कीमत आज की तारीख में लगभग तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है.

पत्नी ने भी नहीं दिया साथ

गणेश शंकर पांडेय के मुताबिक उनके दो बेटों और तीन बेटियों में से कोई भी ऐसा नहीं जो उनकी सही से देखभाल कर सके. बुजुर्ग गणेश पांडेय का आरोप है कि एक बार तो उन्हें उनके ही घर से निकालने का प्रयास भी किया गया था. इसमें उनकी पत्नी ने भी सबका साथ दिया था. ऐसी स्थिति में उनके भाई ही उनका सहारा बने और फिलहाल वह उनके साथ ही रह रहे हैं. अब बेटों से परेशान इस पिता ने अपनी संपत्ति को आगरा के डीएम के नाम करने का फैसला किया है.

गणेश शंकर ने अपनी वसीयत में लिखा है कि वह फिलहाल मानसिक व शारीरिक तौर पर पूरी से स्वस्थ हैं तथा जब तक वह जीवित हैं तब तक अपनी चल-अचल संपत्तियों के मलिक वह स्वयं ही रहेंगे. उनके निधन के बाद ये सारी संपत्ति आगरा के डीएम के नाम हो जाएगी.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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