पिता बेचते हैं आलू-प्याज, बेटी के BPSC क्लियर करने पर फूट-फूटकर रोए, जूही बनेंगी अफसर

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है.” ये लाइन बिहार के जूही कुमारी पर बिल्कुल फिट बैठती है. जूही BPSC परीक्षा में 307वीं रैंक लेकर आई और परिवार का नाम रौशन कर दिया.

पिता बेचते हैं सब्जी

जूही बिहार के सारण जिले में मढौरा खुर्द की रहने वाली हैं. उनके पिता अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता आलू और प्याज बेचकर घर का खर्च चलाते हैं. जूही कुमारी तीन बहन और एक भाई में सबसे छोटी हैं. जूही बचपन से एक होनहार छात्रा रहीं.

उनकी कबलियत पर उनके परिवार को भी भरोसा था. पिता ने बेटी को हमेशा पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया. जूही भी मेहनत के साथ पढ़ती रहीं. मढौरा से इंटर पास करने के बाद छपरा से ग्रेजुएशन किया. वो अफसर बनना चाहती थीं.

तीसरे प्रयास में हुईं सफल

जिसके लिए जूही BPSC परीक्षा की तैयारी करने लगीं. दो बार मेंस में असफल होने के बाद हिम्मत नहीं हारीं. उनके बड़े भाई ने उनका हौंसला बढ़ाया. उनके पिता ने भी उनका साथ दिया. तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कीं.

उनके इस कामयाबी पर पूरे परिवार में जश्न का माहौल है. परिवार और इलाके को जूही पर गर्व है कि उसने अपनी मेहनत और लगन से BPSC की परीक्षा पास कर दूसरों के लिए मिसाल बन गई.

बेटी की कामयाबी पर पिता की आंखों से छलका आंसू

एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता ने जब बेटी की सफलता के बारे में सुना तो फूट फूटकर रोने लगे. उन्होंने कहा कि मैंने बेटा और बेटी में कभी कोई फर्क नहीं किया. मैंने सोच लिया था चाहे जमीन ही क्यों ना बेचनी पड़ी. बच्चों को पढ़ाएंगे. आगे उन्होंने कहा आज मुझे अपनी बेटी पर गर्व है. ये खुशी के आंसू हैं.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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