“लक्ष्य ने अपने देसी जुगाड़ से इस तरह पालीहाउस बनाकर खेती की, अब प्रॉफिट 4 गुना अधिक हो गया”

हम जानते है हमारे देश में 90 प्रतिशत लोग किसान है और उनका मुख्य व्यवसाय किसानी है । क्योंकि हमारा भारत कृषि प्रधान देश और पूरी तरह कृषि पर ही निर्भर है। आज जो भी इंसान बाहर जाकर जो भी काम करता है जो भी पैसा कमाते है। वो अपने पेट के लिए।

शरीर की पहली और सबसे अहम जरुरत भोजन होता है। पैसा सिर्फ एक माध्यम है। लोगों की जरुरत का लोग पैसे से पेट नहीं भरते वे अनाज से पेट भरते है। एक समय ऐसा भी था कि जो लोग कम पढ़े लिखे थे। और घर में खेती करने योग्य जमीन है तो लोग खेती करते थे।

लोगो का कहना है कि किसान की किसानी सिर्फ एक जुआ है, अगर जीत गए तो ठीक नहीं तो उनका व्यवसाय किसानों को जान देने पर मजबूर कर देता है। ऐसा होता भी होगा परंतु आज के आधुनिक समय में खेती सिर्फ अनपढ़ लोगो का काम नहीं, बल्कि पढाई लिखाई में टॉप कर रहे विद्याथियों के लिए भी एक अच्छा क्षेत्र बन गया है।

वर्तमान समय में 75 प्रतिशत युवा एग्रीकल्चर जैसे सब्जेक्ट से पढ़ लिख कर किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहा है। और खुद भी उसमे दिमाग लगा रहा है। आज की इस पोस्ट पर हम बात करेंगे, एक ऐसे युवा की जुगाड़ तकनीक का उपयोग कर सब्जियों की फसल लगाई और आज लाखो का व्यापार तैयार किया।

वीडियो में दिखाया गया कि किस तरह पॉलीहाउस का निर्माण किया

जिसने इस खेती को 4 गुना बढ़ाया है, उस युवा का नाम लक्ष्य हैं। लक्ष्य ने ही ऑर्गेनिक एकड़ फार्म में जुगाड़ टेक्नीक  से बहुत सारे पॉलीहाउस  बनाए है। उनके द्वारा निर्मित पॉलीहाउस करीब 9 वर्ष पुराना है और आज भी एकदम नए की तरह कार्य करता है।

लक्ष्य कहते हैं की उनके तरफ किसान पॉलीहाउस बनाते जरूर है। लेकिन उनके पॉलीहाउस ज्यादा समय के लिये टिक नहीं पाते इसका कारण यहां की जलवायु है। इस बात से तो सभी रूबरू है कि मई का महीना गर्म हवाओं में बीतता है।

जिसके कारण पॉलीहाउस के निर्माण में लगी नेट या शेड ख़राब हो जाती हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है और उनके पॉलीहाउस बन्द होने की नोवत आ जाती है।

यदि किसान कुछ जरुरी बातों का ख्याल रखते हुए पॉलीहाउस का निर्माण करता है, तो वह सफल हो सकता हैं। इसके निर्माण के लिए एक या सवा इंच के पीवीसी पाइप की जरुरत होती है। इस पाइप को आप जमीन के नीचे करीब 2इंच गाड़ देना है।

इसके बाद पाइप को लू शेप में दूसरी तरफ भी गाड़ देना है। इसी विधि को आप अपने अनुसार के क्षेत्र मे कर सकते है। आपका शेड लगभग 12 फुट लंबा और 6.30 फूट चौड़ा बनेगा। जिससे कोई भी आसानी से यहाँ पर कार्य कर सकेंगे।

हर मौसम बेस्ट साबित हुआ

लक्ष्य के द्वारा निर्मित यह पॉलीहाउस पीवीसी पाइप और इंसेक्ट नेट से निर्मित है। इसमें इंसेक्ट नेट 40 माईक्रॉन का उपयोग किया जाता है। बरसात के मौसम में इसमें कीड़े आने का डर भी नहीं होता। जिससे पौधों की सुरक्षा सरलता से हो जाती है।

सर्दियों के मोसम से बचाव के लिए ऊपर से एक पन्नी डाली जाती है। जो करीब 200 माईक्रॉन और युविट्रीडेड होती है। इससे ठंड के मौसम में भी फसल की सुरक्षा हो जाती है, उनकी ग्रोथ भी अच्छी होती है। गर्मियों से रक्षा के लिए हरा शेड नेट का भी उपयोग होता है।

वे कहते है कि यदि आप अपना नाम मार्किट में बनाए रखना चाहते है, तो सभी मौसमी सब्जियों की फसल लगाए। आप सब्जियों को अगैती खेती का उपयोग करके उगाए। जैसे की आपको फरवरी में टमाटर या मिर्च बेचनी है, तो आप जनवरी माह में ही उनके बीज को लगा दें। जिससे आपको फरवरी तक फसल में मिल सके।

इस युवा ने प्रशिक्षण देना भी आरंभ किया

लक्ष्य अपने इस ऑर्गेनिक एकड़ फार्म में काफी सारे विद्यार्थी को ट्रेनिंग भी देते है। उनके बहुत से स्टूडेंट्स उस पॉलीहाउस में बीज की बूबाई करते हैं। लक्ष्य के द्वारा दी गई ट्रेंनिग से उनके स्टूडेंट्स वो सब सीखते है, जो उन्हें खेती के लिए जरुरी होता है। जैसे वर्मी कम्पोस्ट बनाना, हार्वेस्टिंग, पॉलीहाउस की साइज अदि।

लक्ष्य द्वारा निर्मित इस पॉलीहाउस को आप अपने कार्य के मुताबिक बड़ा या छोटा कर सकते है और इस पॉलीहाउस  में आप अपने चीजों का भण्डारण भी कर सकते है।

यदि आपने कम्पोस्ट बनाई है और उसका उपयोग आप कुछ समय के बाद करना चाहते है या फिर उसे मौसम की मार से सुरक्षित रखना चाहते है, तो इस पॉलीहाउस का साइज बढ़ाकर आसानी से रख सकते है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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