IPS अधिकारी की नौकरी छोड़कर शुरू किया स्टार्टअप, आज कई करोड़ों की है कंपनी, मिलिए राजन सिंह से

राजन सिंह की सफलता की कहानी: UPSC परीक्षा पास करना और एक सम्मानित सिविल सेवक बनना भारत के सबसे प्रतिष्ठित व्यवसायों में से एक है. UPSC क्लियर करने वाले उम्मीदवार IAS, IPS, IRS, IFS अधिकारी बनते हैं. जबकि यूपीएससी की अधिकांश सफलता की कहानियां दशकों से सम्मानित पदों पर काम करती रहती हैं, लेकिन राजन सिंह जैसे कुछ लोग अलग-अलग रास्ते चुनते हैं.

एक बड़े शहर के पुलिस आयुक्त होने के बाद, राजन ने मैंनेजमेंट में जाने का फैसला किया और टेक फर्म्स Concept Owl and HabitStrong की शुरुआत की. आज वो एक सफल आंत्रप्रेन्योर हैं, एक सलाहकार हैं और एक निवेशक हैं जो देश में शिक्षा के माहौल को बदल रहे हैं और ग्रामीण भारत के प्रतिभाशाली लोगों को उनकी क्षमता और उत्कृष्टता का अहसास कराने के लिए सशक्त बना रहे हैं. तो चलिए उनकी प्रेरणादायक कामयाबी की कहानी को जानते हैं.

IPS अधिकारी बनने का सफर

भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की ओर रुख किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी. 1995 में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद सिंह ने UPSC की परीक्षा दी. परीक्षा पास करने के बाद, वह 1997 बैच में केरल कैडर से भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Services) में शामिल हुए.

फिर चुना अलग रास्ता

राजन सिंह ने आठ वर्षों तक एक IPS अधिकारी के रूप में देश को अपनी सेवाएं दी. वो केरल में कई पदों पर रहे, क्योंकि वे 2001 में सबसे कम उम्र के पुलिस आयुक्त (तिरुवनंतपुरम) में से एक बने. एक IPS अधिकारी के रूप में राजन सिंह ने 3,500 पुलिस कर्मियों को नागरिक अशांति और संघर्षों को सुलझाने, अपराध नियंत्रण वगैरह के लिए प्रोत्साहित कर के अपना प्रारंभिक प्रबंधन अनुभव हासिल किया. हालांकि, उन्होंने एक आईपीएस के रूप में जीवन को नीरस पाया और यहीं से कुछ बड़ा करने की तीव्र इच्छा जागी. महज 30 साल की उम्र में ही उन्होंने खुद को आगे बढ़ता न देख जुलाई 2005 में IPS अधिकारी की नौकरी छोड़ दी.

आंत्रप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम

राजन सिंह ने तब एमबीए करने का फैसला किया और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक में दाखिला लिया. जिसने Google के सीईओ सुंदर पिचाई, टेस्ला के एलन मस्क और वॉरेन बफे जैसे पूर्व छात्र तैयार किए हैं. एमबीए के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क और मुंबई में काम किया और फिर 2012 में अपना पहला वेंचर, Course Brew लेकर आए जो कि एक वीडियो-बेस्ड ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म था.

कई सफल कंपनियां बनाईं

राजन सिंह के कदम यहीं नहीं रुके. इसके बाद 2015 में ConceptOwl लेकर आए जो कि एक Edtech स्टार्टअप था. जिसने स्कूली छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए विज्ञान की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया. क्रंचबेस के मुताबिक, ConceptOwl को कुल 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली. कंपनी ने 2019 में 2 करोड़ रुपये की कमाई की है इसके 10 गुना तक बढ़ने की उम्मीद है.

राजन सिंह ने इसके बाद Habit Strong की स्थापना की, जो कि 2020 में COVID-19 महामारी के बीच एक नया आदत-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है. ConceptOwl का अब Habit Strong के साथ विलय हो गया है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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