यहां सफाईकर्मियों की है मौज, मिल रही डॉक्टर-इंजीनियर से भी ज्यादा सैलरी, 1 करोड़ है सालाना पैकेज

वैसे तो कहते हैं कि कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता लेकिन ये भी सच है कि काम भले छोटा बड़ा न हो लेकिन काम के हिसाब से वेतन कम ज्यादा जरूर होता है. हम सब जानते हैं एक सफाईकर्मी का वेतन किसी डॉक्टर, इंजीनियर या अधिकारी से कई गुना कम होगा.

ऐसे में आप हैरान रह जाएंगे जब आपको पता लगेगा कि दुनिया में एक देश भी है जहां सफाईकर्मियों का ऐसा जलवा है कि उनकी सैलरी डॉक्टर-इंजीनियर से भी ज्यादा है.

सफाईकर्मियों की सैलरी 1 करोड़

जी हां, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश में सफाई कर्मचारियों डिमांड इतनी ज्यादा है कि उनकी सैलरी भारतीय डॉक्टरों और इंजीनियरों से भी अधिक है. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में सफाई कर्मचारियों की बहुत कमी है. इसी कारण यहां की कंपनियां उनके वेतन को घंटे के हिसाब से बढ़ा रही हैं. ऐसे में इनका सैलरी पैकेज एक करोड़ तक पहुंच रहा है.

फिर भी नहीं मिल रहे लोग

ऑस्ट्रेलिया में सफाईकर्मियों की भारी कमी होने के कारण, यहां की कई कंपनियों ने सफाई कर्मचारियों का वेतन प्रति घंटे के हिसाब से इतना बढ़ा दिया है कि, इन्हें हर महीने करीब 8 लाख रुपये सैलरी मिल रही है. हैरानी की बात ये है कि इतना वेतन होने के बावजूद यहां सफाईकर्मियों की कमी अभी भी है.

इन सफाईकर्मियों का सालाना सैलरी पैकेज करीब 72 लाख रुपये से 80 लाख रुपये तक है, इसके बावजूद कई कंपनियां इसे 98 लाख तक भी बढ़ाने को तैयार हैं.

कंपनियां दे रही हैं ऑफर

डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट में बताया गया कि सिडनी में मौजूद क्लीनिंग कंपनी Absolute Domestics की मैनेजिंग डायरेक्टर जोए वेस ने कहा, कर्मचारियों की सैलरी बढ़ानी पड़ रही है, क्योंकि सफाई के लिए लोग ही नहीं मिल रहे.

अब क्लीनिंग डिपार्टमेंट की सैलरी बढ़ाकर 45 डॉलर यानि 3600 रुपये/घंटा कर दी गई है. साल 2021 से ही इस देश में सफाई कर्मचारियों की कमी चल रही है. साल भर पहले इन सफाई कर्मचारियों को 2700 रुपये प्रति घंटा मिलता था, जबकि कंपनियां अब इनकी सैलरी बढ़ा कर 3500-3600 रुपये तक करने को तैयार हैं.

3000 रुपये प्रति घंटे से ज्यादा सैलरी देने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की अन्य कंपनियों का भी हाल ऐसा ही है. कुछ कंपनियां तो इन्हें 4700 रुपये प्रति घंटा से से भी ज्यादा सैलरी देने को तैयार हैं लेकिन 98 लाख रुपये के सालाना पैकेज के बावजूद यहां सफाई कर्मचारियों की कमी है.

खिड़कियां और गटर साफ करने के लिए कर्मचारियों को 82 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज ऑफर किया जा रहा है.

बता दें कि कर्मचारियों की ऐसी ही तंगी ब्रिटेन ने भी झेली है. यहां सिर्फ गोभी तोड़ने के लिए 65 लाख रुपये सालाना सैलरी पैकेज का ऑफर दिया जा रहा था.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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