बिहार के इंजीनियर LED बल्ब बनाकर हर महीने कमा रहे 1.25 लाख रुपये, 150 युवाओं को दे रहे रोजगार

बिहार के कटिहार का 30 वर्षीय इंजीनियर आलोक सिंह आजकल दर्जनों बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुए है। दरअसल, आलोक ने अपने जिले के बेरोजगार युवकों की अंधेरी जिंदगी में रोजगार की रोशनी प्रदान की है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी से वर्ष 2019 में पैट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर लौटे आलोक ने अपने अनुभव के आधार पर 2 साल पूर्व एलईडी बल्ब उद्योग की शुरुआत कर कोविड महामारी जैसी मुश्किल हालात का सामना करते हुए आज आलोक 1.25 लाख रुपए प्रतिमाह कमा रहे।

0.5 वाट से लेकर 50 वाट तक के बल्ब उपलब्ध

आलोक सूरत, ग्वालियर एवं नोएडा एनसीआर से कच्चा माल मंगवा कर अपनी ईपल एलईडी इंडस्ट्रीज में बल्ब तैयार करते है। आलोक ने बताया कि उनके इस फर्म में 0.5 वाट से लेकर 50 वाट के एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूब, इमरजेंसी लाइट, सोलर लाइट, नाइट बल्ब, एवं स्ट्रीट लाइट तक तैयार कर मार्केट में उपलब्ध कराया जा रहा।

दो साल में 4 से 18 लाख तक का सफर

जब पूरा विश्व कोविड महामारी के दौर से गुजर रहा था, उस संकट के दौरान फरवरी 2020 में नोएडा से कटिहार कोलासी अपने घर लौटे। जिसके बाद इंजीनियर आलोक सिंह ने दो दर्जन शिक्षित बेरोजगार युवकों की टीम बनाकर प्रारंभिक दौर में 4 लाख की पूंजी लगाकर एलईडी बल्ब बनाने का काम शुरू किया।

 

महामारी के कारण लॉकडाउन में फंसे दरबदर भटक रहे गांव के ही बेरोजगार युवकों की टीम बनाकर उन्हें अपनी ही फर्म ईपल इंडस्ट्रीज में 12 से 15 हजार तक का मासिक वेतन देकर रोजगार का अवसर प्रदान किया। धीरे-धीरे अपने कार्य अनुभव एवं युवाओं की बदौलत आलोक ने अपने उद्योग को बढ़ाते हुए महज 2 साल के अंतराल में 4 से 18 लाख तक जा पहुंचा।

इतना ही नहीं इन 2 वर्षों में आलोक ने अपने फर्म ईपल इंडस्ट्रीज के डिस्ट्रीब्यूटर कटिहार सालमारी सहित अन्य चार झारखंड के साहिबगंज, धनबाद, अररिया एवं पूर्णिया में भी बना लिए हैं। जिनसे 9 लाख प्रति माह का टर्नओवर है।

प्रधानमंत्री नव परिवर्तन योजना से मिली राहत

कोविड महामारी संकट के दौरान आर्थिक समस्या से जूझ रहे अपने इस फार्म को बढ़ाने के लिए व अपने आसपास के अधिक से अधिक बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के मकसद से आलोक ने उद्योग विभाग में जाकर प्रधानमंत्री नव परिवर्तन योजना के अंतर्गत मशीन खरीदने के लिए आवेदन दिया था। जिनमें उसे ₹6 लाख का अनुदान भी मिला।

सरकार बढ़ावा दे तो बनेंगी रोजगार की असीम संभावनाएं

ईपल इंडस्ट्रीज में वर्तमान में 12 सेल्स, 10 युवक मैन्युफैक्चरिंग, एक एकाउंटिंग का काम संभाल रहे है। वहीं, आलोक स्वयं मैनेजिंग डिपार्टमेंट संभाल रहे। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में 150 अन्य बेरोजगार युवकों को रोजगार देने की कोशिश में लगे है।

आलोक ने बताया कि सरकार अगर इस उद्योग को बढ़ावा दें तो निश्चित रूप से उद्योग धंधे में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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