घर-घर जाकर सब्जी बेचती थी स्कूली छात्रा, पुलिस ने दिखाई दरियादिली और गिफ्ट कर दी बाइक

घर-घर जाकर सब्जी बेचती थी स्कूली छात्रा, पुलिस ने दिखाई दरियादिली और गिफ्ट कर दी बाइक

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से हर कोई किसी न किसी रूप से प्रभावित हुआ है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि लॉकडाउन के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर और गरीब वर्ग के लोग हुए हैं। कईयों का रोजगार छीन गया, तो कई बेघर हो गए। इसके अलावा मजदूरों और गरीबों के पलायन की भयावह तस्वीरें आए दिन देखने को मिल रही हैं। ऐसे संकट के समय में मानवीयता और उन असहाय लोगों की मदद करना ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है। ऐसे में कई संपन्न लोगों और कई सरकारी संस्थाओं द्वारा भी मानवीयता की कई मिशालें पेश भी की जा रही हैं। इसी कड़ी में असम पुलिस ने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। आइये जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?

असम के डिब्रूगढ़ जिले की एक छात्रा जनमोनी गोगोई को असम पुलिस की ओर से दोपहिया वाहन गिफ्ट किया गया है। दरअसल, जनमोनी गोगोई कोरोना संकट के इस दौर में अपने परिवार की सहायता करने के लिए घर घर साइकिल से जाकर सब्जी बेचने का काम करती है। इसी बीच पिछले दिनों जनमोनी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इस तस्वीर में जनमोनी साइकिल से सब्जी बेचती हुई दिख रही थी, उसके कैरियर पर एक टोकरी और हैंडल के दोनों साइड सब्जियों से भरे दो बड़े थैले टंगे हुए थे।

पूरे घर को चलाती हैं जगमोनी गोगोई

गौरतलब हो कि जनमोनी गोगोई असम के डिब्रूगढ़ जिले की बोगीबील की रहने वाली है, जहां वो अपने माता पिता के साथ रहती है। जनमोनी के पिता पिछले काफी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। पिता की अस्वस्थता के कारण घर में सिर्फ जनमोनी ही कमाने वाली हैं। जनमोनी ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने घर की स्थिति को देखते हुए पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठा ली। जनमोनी और उसकी मां बाजार में सब्जियां बेचने जाते हैं। बता दें कि जनमोनी का भी सपना था कि वो ऊंची शिक्षा हासिल करे, लेकिन घर की परिस्थितियों ने उसके सपनों को मार दिया।

पुलिस ने गिफ्ट की बाइक

जनमोनी और उसकी माता जी बाजार में सब्जी बेचने जाते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बाजार बंद हैं, ऐसे में अब जनमोनी घर घर जाकर सब्जी बेचती हैं, ताकि घर में चूल्हा जल सके। ये कहानी डिब्रूगढ़ पुलिस के एसपी श्रीजीत टी और अन्य अधिकारियों के पास पहुँची। छात्रा के इस संघर्ष को सुनकर डिब्रूगढ़ पुलिस की मानवीयता जाग उठी और उन्होंने जनमोनी गोगोई को एक मोटर साइकिल गिफ्ट कर दिया। बता दें कि डिब्रूगढ़ पुलिस ने इस बात की जानकारी ट्वीट कर दी।

सोमवार को डिब्रूगढ़ पुलिस के कुछ अधिकारियों ने जनमोनी गोगोई के घर का दौरा किया। वहां पुलिस अधिकारियों ने पूछा कि आपको किस चीज की जरूरत है? वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनमोनी एक स्वाभिमानी लड़की है, इसलिए उसने किसी प्रकार की आर्थिक सहायता लेने से मना कर दिया। ऐसे में हम लोगों ने उसे एक दोपहिया वाहन भेंट की ताकि वह आसानी से सब्जी बेचने जा सके और उसका परिवार ठीक से चल सके।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!