कभी अख़बार बेचकर चलाते थे घर, दिमाग में था जबरदास्त आइडिया; आज हर महीने कमाते है 2 लाख रुपये

कभी अख़बार बेचकर चलाते थे घर, दिमाग में था जबरदास्त आइडिया; आज हर महीने कमाते है 2 लाख रुपये

कभी-कभी जीवन इतना खराब हो जाता है कि आप वह नहीं कर पाते जो आप करना चाहते हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी जब हम कुछ नहीं कर पाते तो कई बार हमें निम्न समाज में रहना पड़ता है. लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बावजूद कई लोग अपने प्रयासों में लगे रहते हैं और जीवन में सफल होते हैं. इस बीच जब भी उनकी मेहनत रंग लाती है तो हर कोई उनकी कहानी जानने के लिए बेताब रहता है.

यकीनन आपको यह सुनकर थोड़ा हैरानी हुई होगी कि कैसे एक बार अखबारों का बंडल फेंकने वाला युवक आज एक सफल बिल्डर बन गया और इतना ही नहीं बल्कि आज उसका सालाना कारोबार 1.50 करोड़ रुपये से अधिक है. देखते हैं सौरभ ‘फर्श से अर्श’ के सफर तक कैसे पहुंचे.

 

यह कहानी है पुणे के सिंहगढ़ रोड के रहने वाले सौरभ नवनाथ ढेबे की. वह 18 साल की उम्र से ही अपने पिता की बिजनेस में मदद कर रहे हैं.

घर से एक रुपया पूंजी लिए बिना उन्होंने अपनी खुद की निर्माण कंपनी शुरू की और पुणे में पहली साइट शुरू की जो पूरी हुई. फिर एक और साइट लॉन्च की गई. निर्माण उद्योग में अच्छी प्रगति करते हुए, उन्होंने शौक के रूप में वडगांव में रॉयल दरबार नामक एक रेस्टोरेंट शुरू किया है, लेकिन उन्हें वह बहुत नुकसान हुआ. उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी. उनके पिता भी अचानक दुनिया छोड़कर गये, फिर भी उन्होंने आशा छोड़े बिना अपना व्यवसाय शुरू कर दिया.

25 साल की उम्र में, उन्होंने 2 साइटों को पूरा किया है और अब उनके पास “DHEBE BUILDCON” नामक बंगलो का प्रोजेक्ट शुरू किया है, जो 50 लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है. इस व्यवसाय से उनका मासिक लाभ 2 लाख है. कई परिवारों को रोजगार देने वाले एक अखबार के उद्यमी, एक बिल्डर और एक युवा उद्यमी सौरभ की यात्रा निश्चित रूप से प्रेरणादायक है. वह वर्तमान में एक रो हाउस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसमें फेज 1 में 30 रो हाउस की पूरी बुकिंग है. और फेज 2 के लिए बुकिंग अभी चल रही है.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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