अरुण गोविल को देखकर जमीन पर लेट जाते थे फैन, तस्वीर की होती थी पूजा

रामानंद सागर के पॉपुलर शो ‘रामायण’ के बारे में तो आपने सुना ही होगा और इसका जमकर लुफ्त भी उठाया ही होगा. इस शो का क्रेज 90 के दशक में इतना ज्यादा हुआ करता था कि लोग रविवार को अपने घरों से बाहर तक निकलते थे और इस शो से जुड़े हर कास्ट को उस दौर में सच में भगवान का दर्जा दिया था.

‘रामायण’ को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. इसी शो से जुड़े हुए बेहद खास किरदार और ‘भगवान राम’ का रोल अदा करने वाले एक्टर अरुण गोविल का जन्मदिन है. ऐसे में आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें, जो आपको हैरान कर सकती हैं.

17 वर्ष की उम्र में शुरू किया अपना कारोबार

महज 17 वर्ष की उम्र में अरुण मुंबई चले गए और वहां उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया. व्यवसाय के साथ ही उन्हें एक्टिंग के लिए भी ऑफर मिलने लगे. वर्ष 1977 में तारा बड़जात्या की फिल्म ‘पहेली’ में एक्टिंग करने का अरुण को ऑफर मिला और यह उनकी पहली फिल्म थी.

इसके बाद अरुण ने ‘सावन को आने दो’, ‘सांच को आंच नहीं’, ‘इतनी सी बात’, ‘हिम्मतवाला’, ‘दिलवाला’, ‘हथकड़ी’, और ‘लव-कुश’ जैसी फिल्मों में काम किया. जब रामानंद ने उन्हें ‘रामायण’ में राम की भूमिका के लिए ऑफर दिया, तब तक अरुण खुद को एक अच्छे अभिनेता साबित कर चुके थे.

राम के किरदार के लिए पहले हुए रिजेक्ट

 

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साल 1987 में रामानंद सागर जी ने रामायण धारावाहिक बनाना शुरू किया. इसकी खबर जैसे ही मिली वो तुरंत पहुंचे ऑडिशन देने के लिए. मेकर्स ‘राम’ की भूमिका निभाने के लिए एक एक्टर की तलाश में थे मगर जब अरुण ने ऑडिशन दिया तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया

लेकिन कुछ वक़्त बाद उन्हें फिर से बुलाया गया और ‘राम’ के रोल के लिए फाइनल किया गया. राम का किरदार निभा कर इन्होने दर्शकों के दिमाग और मन पर कुछ ऐसी छाप छोड़ी कि दर्शक इनकी तस्वीर की पूजा करने लगे.

भगवान समझ पूजा करते थे फैंस

यही नहीं असल ज़िन्दगी में भी लोगों ने इन्हें भगवान समझ लिया था. अरुण गोविल के लिए दिवानगी केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी थी और जब वो हॉलीडे मनाने मॉरिशियस गए थे तो उनके साथ कुछ ऐसा हुआ था कि उनके होश उड़ गए थे.

दरअसल जब वो मॉरिशियस में रोड पार कर रहे थे उस दौरान कुछ गाड़ियों में से लोगों की भीड़ अरुण गोविल की ओर आगे बढ़ी और पास आते ही सभी लोग अरुण गोविल के सामने जमीन पर लेटकर उनके हाथ जोड़ने लगे, हालांकि कुछ देर के लिए अभिनेता घरबरा गए थे.

लेकिन बाद में उन्होंने अपने सभी फैंस के प्यार से अभिवादन किया और तब उन्हें ये अहसास हुआ था कि उनका प्रभाव कितना है.

जब फैन ने सिगरेट पीने पर लगाई थी डांट

अरुण गोविल को लोग उस दौर में भगवान राम मानकर उनकी पूजा करते थे, लेकिन उन्हें एक बार अपने फैन से डांट खानी पड़ी थी. दरअसल अरूण एक चैन स्मोकर थे और वो एक तमिल बाइलिंगुअल फिल्म में बालाजी तिरुपति का किरदार निभा रहे थे

उस दौरान वह खूब सिगरेट पिया करते थे. एक्टर ने कहा,’ जब भी मुझे मौका मिलता था मैं सेट पर ही एक पर्दे के पीछे छुपकर सिगरेट पीने लगता था. दोपहर में लंच करने के बाद मुझे अक्सर सिगरेट की तलब लगती थी.

ऐसे में जब मैं एक दिन सिगरेट पी रहा था तब वहां पर किसी एक सज्जन इंसान की नजर मुझपर पड़ी और वह मुझे घूरने लगा. इसके बाद वह इंसान मेरे पास आया और अपनी भाषा में मुझे काफी कुछ सुना कर चला गया,

लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया. हालांकि, उनके हाव भाव से मैं यह अंदाजा लगा पाया था कि वह मुझे कुछ बुरा-भला बोल कर गया है. जब वह शख्स वहां से चला गया तब मैंने वहां पास में खड़े एक आदमी को बुलाकर पूछा यह मुझे क्या कह रहे थे?

उसने मुझे समझाया कि वह शख्स मुझे बोल रहा था, हम तो तुम्हें भगवान समझते हैं और तुम यहां बैठकर सिगरेट पी रहे हो?’ अरुण गोविल को ये बात दिल पर लग गई और उन्होंने दोबारा कभी सिगरेट को हाथ नहीं लगाया.

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