Google क्रोम के 2.5 अरब से अधिक यूजर्स का डाटा खतरे में

गूगल क्रोम एक मशहूर वेब ब्राउजर है और इसके यूजर्स की संख्या बिलियन में है. साइबर सेक्योरिटी के लिए काम करने वाले एक फर्म इमपेर्वा रेड ने गूगल क्रोम की सुरक्षा को लेकर अलर्ट भेजा है.

कंपनी के अनुसार गूगल क्रोम की इस कमी के कारण 2.5 अरब यूजर्स का डाटा खतरे में आ सकता है. साइबर सेक्योरिटी कंपनी ने इसे Dubbed CVE-2022-3656 के रूप में पहचाना है और कहा है कि इसकी वजह से गूगल क्रोम पर मौजूद संवेदनशील फाइलें, क्रिप्टो वॉलेट और यहां तक कि क्लाउड क्रेडेंशियल भी चोरी हो सकते हैं.


ब्लॉग के अनुसार, ब्राउजर फाइल सिस्टम के साथ कैसे इंटरैक्ट करता है, इसका आकलन करने के दौरान वलनरेबिलिटी पाई गई, मुख्य रूप से ब्राउजर सिम्लिंक को कैसे हैंडल करते हैं, इससे संबंधित व्यापक खामियों की खोज की गई.

सिम्लिंक या सिम्बॉलिक लिंक एक प्रकार की फाइल है जो इम्परवा रेड के अनुसार किसी अन्य फाइल या निर्देशिका की ओर इशारा करती है. लिंक की गई फाइल या निर्देशिका को तब ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा माना जा सकता है

जैसे कि वह मौजूद थी जहां सिमलिंक है. यह दावा करता है कि शॉर्टकट बनाने, फाइल पथ बदलने, या अधिक लचीली फाइल ऑर्गेनाइजेशन के लिए एक सिमलिंक मददगार हो सकता है.

लेकिन अगर इन्हें ठीक से मैनेज नहीं किया गया तो ये डाटा चोरी की वजह बन सकते हैं. इस कमी का फायदा उठाकर हैकर्स गूगल क्रोम में कोई फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट बना सकते हैं और फ्रेश ट्रेड कर सकते हैं. ये बस एक उदाहरण है. कंपनी ने कहा कि हालांकि इससे भी ज्यादा खतरनाक नतीजे हो सकते हैं.

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