न मिट्टी, न जमीन! इस तरह हवा में उगा सकते हैं आलू

अक्सर आलू उगाने के लिए ज्यादा मिट्टी और जगह की जरूरत पड़ती है, लेकिन एरोपोनिक तकनीक से आप हवा में भी आलू उगा सकते हैं।

सुनने में भले ही अजीब लग रहा हो, लेकिन अब आलू हवा में उगाए जा सकेंगे और यह संभव हुआ है Aeroponic Potato Farming तकनीक से। इस तकनीक के जरिए आलू उगाने के लिए अब जमीन और मिट्टी की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा के करनाल जिले में स्थित आलू प्रौद्योगिकी केंद्र ने एरोपोनिक तकनीक पर काम किया है।इसके बाद कृषि विभाग ने दूसरे राज्यों और बागवानी विभाग के किसानों को इस तकनीक के प्रति जागरुक करने पर जोर देने का फैसला किया है।

ऐसा इसलिए क्योंकि इस तकनीक के कई फायदे हैं। आलू प्रौद्योगिकी केंद्र के अनुसार, इससे न सिर्फ जमीन की कमी को पूरा किया जाएगा, बल्कि पैदावार भी 10 गुना तक बढ़ जाएगी। इस तकनीक से कम लागत में आलू की ज्यादा फसल उगाकर, ज्यादा मुनाफा कमाया सकता है।

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट अनिल थडानी का कहना है कि Aeroponic Potato Farming तकनीक में लटकती हुई जड़ों के जरिए न्यूट्रीएंट्स दिए जाते हैं। इस तकनीक की मदद से कृषि संस्थान आलू के स्वस्थ बीज जमा करता है।

बहुत से लोग अक्सर एरोपोनिक खेती और हाइड्रोपोनिक खेती को एक जैसा समझते है। हालांकि खेती के ये दोनों रूप हाल-फिलहाल के सालों में ही काफी लोकप्रिय हुए हैं। दोनों विधियां समान हैं, क्योंकि इनमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन जिस तरह से इन विधियों में पोषक तत्वों को पौधों तक पहुंचाया जाता है वह बहुत अलग है।

क्या है एरोपोनिक तकनीक?

हाइड्रोपोनिक में, पौधों को पूरे समय पानी में रखा जाता है, जबकि Aeroponic Potato Farming में पानी स्प्रे करके पोषक तत्व दिए जाते हैं।

अनिल कहते हैं, “आलू के पौधे को एक बंद वातावरण में उगाया जाता है, जिसमें पौधा ऊपर की ओर रहता है और जड़ें नीचे की और अँधेरे में रहती हैं। नीचे की और पानी के फव्वारे लगे रहते हैं, जिससे पानी में न्यूट्रीएंट्स मिलाकर जड़ों तक पहुंचाए जाते हैं। यानी ऊपर पौधे को सूरज की रौशनी मिलती है और नीचे से पोषक तत्व और इससे पौधे का विकास होता रहता है।”

हालांकि, अनिल कहते हैं कि यह तकनीक उत्पादन के हिसाब से काफी अच्छी है, लेकिन इसका सेटअप करना थोड़ा खर्चीला है। अगर आपके पास गार्डनिंग का अच्छा अनुभव है, तो आप एक पॉलीहाउस बनाकर घर पर Aeroponic Potato Farming तरीके से आलू उगा सकते हैं।

इसका एक और फायदा यह है कि इसमें ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, इसलिए राजस्थान जैसे इलाके के किसान या गार्डनर इसका सेटअप आराम से तैयार कर सकते हैं। हमारे देश में आलू के अच्छे बीज के लिए एरोपोनिक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि एक अच्छे वातावरण में रोग मुक्त बीज तैयार हो सकें।Aeroponic Potato Farming के बारे में ज्यादा जानने के लिए अनिल से 8619008455 पर संपर्क कर सकते हैं।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Lok Mantra अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!